गुमला. झारखंड जेनरल कामगार यूनियन की केंद्रीय समिति की बैठक हुई. जिसमें देश के मौजूदा हालातों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गयी. बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 12 फरवरी को मजदूर संगठनों द्वारा आयोजित बंद को सफल बनाने के लिए झारखंड जेनरल कामगार यूनियन, अखिल भारतीय क्रांतिकारी आदिवासी महासभा तथा आदिवासी किसान मजदूर पार्टी अपनी पूरी ताकत से सड़कों पर उतरेगी. बैठक को संबोधित करते हुए यूनियन के केंद्रीय महासचिव अंजनी कुमार पांडेय ने कहा है कि केंद्र की भाजपानीत राजग की सरकार पहले तीन किसान विरोधी काले कानूनों के जरिए अपने कॉर्पोरेट मित्रों को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रही थी. लेकिन किसानों के व्यापक विरोध के कारण सरकार को पीछे हटना पड़ा. सरकार अब उसी नक्शे कदम पर चलते हुए मजदूरों के हितों की अनदेखी कर चार मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं के माध्यम से मजदूरों के अधिकारों को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. जिसका सीधा असर मेहनतकश मजदूरों पर पड़ने वाला है. जिसका पूरजोर प्रतिवाद नहीं किया गया तो मजदूरों के बुरे दिन आने वाले हैं. बैठक में यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा, केंद्रीय सचिव सुरेश प्रसाद यादव, राजेश महतो, मानसिंह तिरिया, सनिया उरांव, सुनील गागराई, जीतेंद्र उरांव, नीखिल सोरेन, प्रदीप गंझू, परमेश्वर भगत, बंधु बांधव, पार्थ प्रीतम व गुंजरी देवी सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
मजदूर संगठनों को एकजुट होने की जरूरत है : अंजनी
झारखंड जेनरल कामगार यूनियन की केंद्रीय समिति की बैठक हुई.
