अखिल भारतीय क्रांतिकारी आदिवासी महासभा की बैठक रायडीह. अखिल भारतीय क्रांतिकारी आदिवासी महासभा की बैठक रायडीह प्रखंड के परसा गांव में हुई. बैठक में किसानों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया. साथ ही उनकी समस्याओं को लेकर दिसंबर माह में जिला मुख्यालय में सप्ताह भर का किसान पड़ाव आंदोलन करने का निर्णय लिया गया. जिलाध्यक्ष सनिया उरांव ने कहा कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की सरकार आदिवासियों के परंपरागत रिहायशी इलाके से उन्हें खदेड़ने की परियोजनाओं को मंजूरी देकर उन्हें जंगलों से भगाने पर तुली हुई है. भारत माला परियोजना, नेतरहाट टाइगर प्रोजेक्ट व सारंडा में जैव विविधता के नाम पर सेंचुरी बनाने की तैयारी में है. यह सभी परियोजनाएं आदिवासी समुदाय को प्रभावित करने वाली हैं. लेकिन भौतिक चकाचौंध ने नयी पीढ़ी के आदिवासी युवाओं को भ्रमित कर दिया है. वे सरकारी सिगुफा को ही विकास समझने की भूल कर रहे हैं. झारखंड में वोटों के ध्रुवीकरण के शातिर महारथियों ने आदिवासियों के संघर्ष को गलत दिशा प्रदान कर दिया है. जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अस्तित्व के लिए इसे सही दिशा देने की जरूरत है. मौके पर सुरेश प्रसाद यादव, चापा उरांव, कांछा उरांव, बिजला उरांव, गुंजरी लक, अनिल उरांव, मंगल उरांव, बुधवा उरांव, सुबोध उरांव, धुरी भगत, सुदर्शन भगत, हरिश्चंद्र भगत, सीता राम उरांव, राजेंद्र उरांव, विश्वनाथ उरांव, सुशील उरांव, बिहारी उरांव, रविनंदन असुर आदि मौजूद थे.
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