गुमला में एनएच-43 पर किसान महासभा का चक्का जाम, डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित

झारखंड के भरनो में किसान महासभा ने एनएच-43 पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी।

गुमला. गुमला में किसान महासभा ने शंकर उरांव के नेतृत्व में देशव्यापी जेल भरो आंदोलन के तहत भरनो के स्कूल चौक पर एनएच-43 को जाम कर दिया. इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक सड़क जाम रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गयी और कई यात्री वाहन जाम में फंसे रहे. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.

किसान दिन-रात मेहनत के बावूजद स्थिति बदतर

महासभा के जिलाध्यक्ष शंकर उरांव ने कहा कि देश के किसान दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन आज उनकी स्थिति बदतर होती जा रही है. केंद्र सरकार किसानों की मदद करने के बजाय किसान और मजदूर विरोधी कानून ला रही है. केंद्रीय कमेटी के सदस्य मधु कच्छप ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों से किसान-मजदूर परेशान हैं तथा दोनों सरकारें जनता विरोधी कानून बना रही हैं. मधु कच्छप ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून वापस लेते समय बिजली विधेयक और एमएसपी लागू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसे पूरा नहीं किया.

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किसानों व मजदूरों के अधिकारों के लिए आंदोलन रहेगा जारी

किसान महासभा किसानों व मजदूरों के अधिकारों के लिए आगे भी आंदोलन जारी रखेगी. सूचना पर थानेदार संतोष कुमार सिंह समेत भरनो पुलिस मौके पर पहुंच प्रदर्शनकारियों को समझाकर जाम समाप्त कराया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को गिरफ्तारी दी, जिन्हें कुछ देर थाना परिसर में रखने के बाद जलपान करा कर छोड़ दिया गया. मौके पर आयता उरांव, चंद्रदेव उरांव, अनिल उरांव समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे.


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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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