गुमला. गुमला व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को वर्ष के तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. राष्ट्रीय लोक अदालत का ऑनलाइन उद्घाटन रांची से झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सह झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यकारी अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद ने किया. उद्घाटन के अवसर पर न्यायमूर्ति ने कहा कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और सभी को सुलभ न्याय मिले, इसके लिए प्रयास करना होगा. उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों, जैसे डायन प्रथा, बाल विवाह और बाल श्रम को दूर करने के लिए जागरूकता पर जोर दिया. कहा कि डायन से कोई नहीं मरता, बल्कि लोग बीमारी से मरते हैं. इसलिए बीमारी होने पर अस्पताल जाकर इलाज कराना चाहिए. सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की व्यवस्था है. लोगों को अंधविश्वास से दूर रहकर जागरूक होना होगा.
समझौते से दोनों पक्षों की जीत
गुमला व्यवहार न्यायालय में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला अजीत कुमार सिंह, उपायुक्त दिलेश्वर महतो, पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमां, एडीजे प्रथम प्रेम शंकर, कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश ओम प्रकाश, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रामकुमार लाल गुप्ता समेत अन्य न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे. इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन वर्ष में चार बार किया जाता है. जबकि मासिक लोक अदालत प्रत्येक माह आयोजित होती है. लोक अदालत में समझौते के माध्यम से मामलों का निपटारा किया जाता है. इसमें किसी की हार और किसी की जीत नहीं होती, बल्कि दोनों पक्ष विजयी होते हैं. इससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है. उन्होंने अधिक से अधिक वादकारियों से लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की.
सात बेंचों में 30,787 मामलों का निष्पादन
इस वर्ष के तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर कुल सात बेंचों का गठन किया गया था. इन बेंचों के माध्यम से कुल 30,787 मामलों का निष्पादन किया गया. इनमें प्रीलिटिगेशन के 28,168 मामले और लंबित 2,619 मामलों का निपटारा हुआ. लोक अदालत में कुल 26 करोड़ 56 लाख 32 हजार 646 रुपये की सेटलमेंट राशि प्राप्त हुई.
बैंक के शिविरों का किया निरीक्षण
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत कुमार सिंह ने बैंक द्वारा लगाये गये शिविरों का स्वयं भ्रमण कर कार्यों का जायजा लिये. उन्होंने सभी बेंचों में जाकर कार्यों का निरीक्षण भी किया और मामलों के निष्पादन की स्थिति की जानकारी ली.
