गुमला : घाघरा थाना से 30 किमी दूर तेंदार गांव में दो लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी है. मृतकों की पहचान नवप्राथमिक विद्यालय पाकरकोना के पारा शिक्षक लालदेव असुर (50 वर्ष) और बाकीतल्ला गांव निवासी राम सूरज खड़िया (25 वर्ष) के रूप में हुई है. हत्या शुक्रवार रात की गयी है, जबकि रविवार दिन के 11 बजे चरवाहों ने दोनों का शव तेंदार तेतरबांध के गड्ढे में देखा. दोनों के गले में रस्सी बंधी हुई थी.
संभवत: हत्या के बाद इनके शवों को घसीट कर यहां तक लाया गया था. परिजन और ग्रामीणों के अनुसार, दोनों शुक्रवार को तेंदार गांव में लगे दसई करमा मेला में शामिल होने पहुंचे थे. पाकरकोना गांव निवासी मृतक लालदेव असुर आदिम जनजाति समाज का था. उसकी पत्नी राजमुनी असुराईन के अनुसार, लालदेव शुक्रवार की रात करमा मेला में मांदर बजाते देखा गया था.
उसके बाद से ही वह घर नहीं लौटा. उधर, मृतक राम सूरज खड़िया की पत्नी हीरमईत खड़ियाईन ने बताया कि शुक्रवार को वह अपने पति के साथ मेले में गयी थी. चूंकि पति शराब पीता था, इसलिए वह उसे मेले में छोड़कर घर लौट गयी.
उसके बाद से राम सूरज लापता था. इधर, रविवार को चरवाहों ने तेतरबांध के पास दोनों के शवों को देखा और परिजनों को सूचना दी. एसपी ने कहा कि प्रथमदृष्टया लगता है कि मेले में खाने-पीने के दौरान हुए विवाद के बाद दोनों की हत्या कर दी गयी है. लालदेव व राम सूरज अगल-बगल गांव के हैं. हत्या किसने की है, इसकी जांच की जा रही है.
दल-बल के साथ शवों को लेने पहुंचे थे पुलिस अधिकारी
तेंदार गांव भाकपा माओवादी व झांगुर गुट का गढ़ है, इसलिए दोनों शवों को लाने के लिए खुद गुमला एसपी हृदीप पी जनार्दनन, एएसपी बीके मिश्रा, एसडीपीओ मनीष चंद्र लाल, इंस्पेक्टर मनोज कुमार, घाघरा थानेदार सुधीर प्रसाद साहू व बिशुनपुर थानेदार मोहन कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे. शव को कब्जे में लेने के बाद देर रात पुलिस गुमला पहुंची.
posted by : sameer oraon
