शिबू सोरेन के संघर्ष व प्रयासों से झारखंड अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया : मनोज
प्रखंड मुख्यालय स्थित आदिवासी कला संस्कृति भवन में झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा के तत्वावधान में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व झारखंड निर्माता दिवंगत शिबू सोरेन (गुरुजी) की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनायी गयी
घाघरा. प्रखंड मुख्यालय स्थित आदिवासी कला संस्कृति भवन में झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा के तत्वावधान में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व झारखंड निर्माता दिवंगत शिबू सोरेन (गुरुजी) की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनायी गयी. कार्यक्रम की शुरुआत गुरु जी के चित्र पर पुष्पार्चन कर किया गया. मौके पर संयोजक मनोज कुमार भगत ने कहा दिवंगत शिबू सोरेन हमारे लिए केवल एक नेता नहीं, बल्कि झारखंड आंदोलन के प्रेरणा स्रोत थे. उनके अथक संघर्ष और प्रयासों के कारण ही झारखंड एक अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया. हम सभी को संकल्प लेना चाहिये कि गुरु जी के अधूरे सपनों को पूरा करेंगे व वृहद झारखंड के परिकल्पना को सरकार के समक्ष मजबूती से रखेंगे. जिला महासचिव नारायण भगत ने बताया कि आठ फरवरी को देवाकी नर्सरी में झारखंड आंदोलनकारी का महाजुटान सम्मेलन समारोह का आयोजन किया गया है. उक्त महजुटान में झारखंड आंदोलन से जुड़ी सभी समस्याओं का सरकार के समक्ष मजबूती से रखने का संकल्प लिया जायेगा. कार्यक्रम में कल्याण मंत्री चमरा लिंडा को भी आमंत्रित किया गया है. उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए लोगों से अपील की. मौके पर जिलाध्यक्ष अशोक कुमार भगत, संयोजक मनोज कुमार भगत, लालदेव भगत, मुखलाल साहू, विनोद भगत, पीरपितवा एक्का, सरोजिनी किरण भगत, कार्मेल तिर्की, ओम प्रकाश मिश्रा, भरत कुमार, अमला उरांव, सुनील भगत, राजेंद्र उरांव, सुरेश भगत, हरि भगत, सुनील उरांव, प्रभु राम, दशरथ भगत, प्रदीप गोप सहित कई लोग मौजूद थे.
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