गुमला में जन्माष्टमी की धूम, बच्चों में उत्साह, कोई राधा तो कोई कृष्ण बना

गुमला जिले में जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया. मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही और बच्चे राधा-कृष्ण के वेश में नजर आए. देखें पूरी खबर.

गुमला. गुमला जिले के 12 प्रखंडों में जन्माष्टमी पर्व की धूम रही. रात आठ बजे के बाद मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखी गयी. लोगों ने पूरे उत्साह से जन्माष्टमी का पर्व मनाया. घरों में भी भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप की पूजा की गयी. घर में झूला बनाया. जहां बच्चों को बैठाकर श्रीकृष्ण की तरह झुलाया गया. बच्चों में उत्साह था. वहीं गुमला के बच्चे राधा व श्रीकृष्ण के वेश में नजर आये. कोई राधा तो कोई कृष्ण बना. गुमला शहर के रौनियार मंदिर पालकोट रोड, गोपाल मंदिर लोहरदगा रोड, बड़ाइक मंदिर, दुधेश्वरी धाम सोसो, डुमरडीह मंदिर व श्रीबड़ा दुर्गा मंदिर में जन्माष्टमी पर्व मनाया गया. शाम होते ही मंदिरों में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. मंदिरों के बाहर मेले जैसे नजारा था. गुमला के सभी मंदिर शाम होते ही जगमगाने लगा. कहीं दुधिया रोशनी तो कहीं आकर्षक सजावट सभी का मन मोह रहा था.

कामडारा में जन्माष्टमी का उत्साह

कामडारा प्रखंड क्षेत्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर उत्साह रहा. यहां मंदिरों में पूजा की गयी. घरों में भी लोगों ने पूजा की. कई बच्चे भगवान श्रीकृष्ण व राधा की वेश में नजर आये.

घाघरा में उत्साह देखा गया

घाघरा प्रखंड में जन्माष्टमी पर्व मनाया गया. यहां कई जगह कार्यक्रम हुआ. जारी प्रखंड में भी लोगों ने अपने घरों में पूजा पाठ की. पालकोट प्रखंड, सिसई प्रखंड, रायडीह प्रखंड में भी उत्साह रहा.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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