गुमला. हाईकोर्ट की सख्ती और डीजीपी के निर्देश के बाद आठ वर्षों से लापता किशोरी के मामले में पुलिस ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है. सोमवार को सदर थाना में आधा दर्जन से अधिक लोगों को बुला कर पूछताछ की गयी. यह कार्रवाई चैनपुर अनुमंडल की एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल के नेतृत्व में की गयी, जिसमें खोरा जामटोली और आसपास के गांवों के लोगों से एक-एक कर पूछताछ हुई. पुलिस टीम ने पुराने केस डायरी और रिकॉर्ड को दोबारा खंगालना शुरू कर दिया है. इस दौरान पूर्व अनुसंधान पदाधिकारी (आइओ) को भी पूछताछ प्रक्रिया में शामिल किया गया, ताकि पहले की जांच में छूटे पहलुओं को समझा जा सके. हालांकि अब तक लापता किशोरी के संबंध में कोई ठोस सुराग नहीं मिला है. जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में खोरा जामटोली गांव की 13 वर्षीय किशोरी अचानक लापता हो गयी थी. प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद लंबे समय तक मामले में कोई खास प्रगति नहीं हुई. इसके बाद पीड़िता की मां ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद यह मामला न्यायालय की निगरानी में आ गया. हाल ही में हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने पुलिस जांच की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए दो सप्ताह के भीतर ठोस प्रगति दिखाने का निर्देश दिया था. साथ ही चेतावनी दी थी कि प्रगति नहीं होने पर जांच सीबीआई को सौंपी जा सकती है. इसके बाद डीजीपी ने गुमला पहुंचकर पूरे मामले की समीक्षा की और जांच को नए सिरे से आगे बढ़ाने के निर्देश दिये थे. पुलिस का कहना है कि जल्द मामले में ठोस नतीजे तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है.
आठ साल से लापता किशोरी मामले की जांच तेज, कई लोगों से पूछताछ
आठ साल से लापता किशोरी मामले की जांच तेज, कई लोगों से पूछताछ
