शराब दुकान को हटाने की रिपोर्ट के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश

कामडारा में मंदिर और आंगनबाड़ी के पास चल रही शराब दुकान को हटाने की मांग, प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश.

कामडारा. कामडारा में नियमों को ताक पर रखकर शराब दुकान संचालित किया जा रहा है. स्थानीय लोगों ने 28 नवंबर 2024 को बसिया एसडीओ को आवेदन सौंपकर मंदिर व आंगनबाड़ी केंद्र के समीप संचालित शराब दुकान को किसी दूसरी जगह पर स्थानांतरित करने की मांग की थी. जिसके आलोक में एसडीओ द्वारा कामडारा अंचल कार्यालय को पत्र जारी कर ग्रामीणों द्वारा दर्ज करायी गयी शिकायत का जांच कराने का निर्देश दिया गया था.

जिसके आलोक में कामडारा अंचलाधिकारी द्वारा राजस्व उपनिरीक्षक के माध्यम से शिकायत की जांच करायी गयी. जांच के बाद कामडारा अंचलाधिकारी द्वारा बसिया एसडीओ का रिपोर्ट बनाकर दिया गया कि राजस्व उपनिरीक्षक के द्वारा प्रतिवेदन दिया गया है कि उनके द्वारा संबंधित दुकान का ग्राहक बनकर जांच किया और पाया कि अंकित दर पर ही शराब का बिक्री किया जाता है. शराब दुकान से मंदिर एवं आंगनबाड़ी केंद्र की दूरी 100 मीटर है और 200 मीटर की दूरी पर मस्जिद अवस्थित है.

शराब दुकान को नियमानुसार अन्यत्र स्थानांतरित किया जा सकता है. लेकिन उक्त जांच के बाद इधर अब दो साल होने को है. इसके बावजूद तब तक वहां से शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया है. जिससे स्थानीय लोगों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली के प्रति रोष है.

लोगों ने बसिया एसडीओ से मामले में संज्ञान लेते हुए शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित कराने की मांग की है. वहीं इस संबंध में बसिया एसडीओ सुधीर प्रकाश से बात करने पर उन्होंने बताया कि मामले में शीघ्र कार्रवाई की जायेगी.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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