गुमला: गुमला शहर में करीब 13 वर्षों तक चले रीना गुप्ता दहेज हत्या मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-1-सह-विशेष न्यायाधीश (महिला, एससी/एसटी एवं बाल अपराध) की अदालत ने फैसला सुनाया. अदालत ने मामले में पति अमित कुमार गुप्ता और ननद सुमन गुप्ता को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास व जुर्माना की सजा सुनायी. यह मामला वर्ष 2013 का है.
गुमला शहर की रीना गुप्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसके भाई गौतम कुमार ने गुमला थाना में प्राथमिकी दर्ज की थी. शिकायत में पति, सास, ननद समेत पांच लोगों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का आरोप लगाया गया था. आरोप था कि विवाह के बाद लगातार पांच लाख रुपये दहेज की मांग की जा रही थी और मांग पूरी नहीं होने पर रीना की हत्या कर दी गयी थी.
पुलिस अनुसंधान के दौरान नामजद पांच आरोपियों में से सुमित गुप्ता और संजय गुप्ता के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें निर्दोष माना गया. वहीं मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी मालती देवी (अमित गुप्ता की मां) का निधन हो गया, जिस कारण उनके विरुद्ध कार्रवाई समाप्त हो गयी.
इसके बाद अदालत में पति अमित कुमार गुप्ता और ननद सुमन गुप्ता के खिलाफ सुनवाई जारी रही. लंबी न्यायिक प्रक्रिया, गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए मंगलवार को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास व जुर्माना की सजा सुनायी.
