ब्रेन हेमरेज से होमगार्ड जवान वीरेंद्र साहू का निधन, अधिकारियों व जवानों ने नम आंखों से दी श्रद्धांजलि

झारखंड के गुमला में होमगार्ड जवान वीरेंद्र साहू का ब्रेन हेमरेज से निधन हो गया. अधिकारियों और एसोसिएशन ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

गुमला. झारखंड गृह रक्षा वाहिनी के गुमला अंचल कार्यालय में प्रतिनियुक्त होमगार्ड जवान सह झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के जिला कार्यालय सचिव वीरेंद्र साहू के आकस्मिक निधन से होमगार्ड महकमे में शोक की लहर है. ब्रेन हेमरेज के कारण उनका निधन हो गया.

मंगलवार को उनके पार्थिव शरीर को गृह रक्षा वाहिनी कार्यालय सीलम लाया गया. जहां अधिकारियों और जवानों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव रवाना किया गया. श्रद्धांजलि सभा में जिला समादेष्टा चंदन कुमार और कंपनी कमांडर रोशन कुमार मौजूद रहे. दोनों अधिकारियों ने दिवंगत जवान के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया.

जिला समादेष्टा ने शोक संतप्त परिवार को अंतिम संस्कार के लिए तत्काल 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की. वहीं, झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन की प्रदेश महिला अध्यक्ष अंजना बड़ा, जिला अध्यक्ष झरी भगत, उपाध्यक्ष संदीप उरांव, महिला जिला अध्यक्ष रीना देवी, कोषाध्यक्ष अनीता देवी, उपसचिव सह मीडिया प्रभारी सुनील कुमार और जिला प्रवक्ता हवलदार भुवनेश्वर गोप सहित अन्य सदस्यों ने भी श्रद्धांजलि दी.

एसोसिएशन की ओर से परिवार को अंतिम संस्कार के लिए 5 हजार रुपये की सहायता दी गयी. मौके पर वक्ताओं ने वीरेंद्र साहू को कर्मठ और मिलनसार जवान बताते हुए कहा कि उनका असमय निधन वाहिनी और संगठन के लिए अपूरणीय क्षति है. दुख की इस घड़ी में पूरा होमगार्ड परिवार शोकाकुल परिजनों के साथ खड़ा है.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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