झारखंड आंदोलनकारियों ने मनायी जयपाल सिंह मुंडा की जयंती
झारखंड आंदोलनकारियों ने मनायी जयपाल सिंह मुंडा की जयंती
रायडीह. झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा के तत्वावधान में शनिवार को प्रखंड कार्यालय परिसर रायडीह में महान आदिवासी नेता, स्वतंत्रता सेनानी एवं झारखंड आंदोलन के अग्रदूत जयपाल सिंह मुंडा की जयंती मनायी गयी. कार्यक्रम का शुभारंभ जयपाल सिंह मुंडा की तस्वीर पर पुष्पांजलि कर किया गया. आंदोलनकारियों ने नमन करते हुए एक स्वर में संगठन की एकजुटता बनाये रखने का संकल्प लिया. जिला मुख्य संयोजक मनोज कुमार भगत ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े रहे तथा उन्होंने भारत को हॉकी में स्वर्ण पदक दिला कर विश्व पटल पर गौरव दिलाया. वे संविधान सभा के सदस्य भी रहे. उनके विचारों व योगदान को अपने दिलों दिमाग में ग्रहण करें. उन्होंने आठ फरवरी को घाघरा के देवाकी में आयोजित विशाल महाजुटान सह वनभोज कार्यक्रम में आंदोलनकारियों को शामिल होने का अनुरोध किया. जिलाध्यक्ष अशोक कुमार भगत ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा संविधान सभा में एक प्रखर आदिवासी व मूलवासी नेता थे. उन्होंने झारखंड-बिहार समेत पूरे देश के आदिवासियों के अधिकारों की प्रभावी ढंग से पैरवी की. इसके परिणामस्वरूप संविधान में पांचवीं व छठी अनुसूची जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं मिलीं. उनके संघर्ष व विचारों की बदौलत झारखंड अलग राज्य आंदोलन को दिशा मिली और वर्ष 2000 में झारखंड राज्य का गठन हुआ. मौके पर प्रखंड अध्यक्ष दुर्गा उरांव, कोषाध्यक्ष बुधराम उरांव, संगठन सचिव गंदिरा उरांव, आमला उरांव, सीताराम उरांव, सुषमा मिंज, सतेंद्र उरांव, बीरू साहू, चंद्रमोहन सिंह, जयदेव उरांव, सिमोन तिर्की, लोकनाथ उरांव, शशिकांत बेक, आशा देवी आदि मौजूद थे.
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