गुमला में शिक्षकों ने जलायी सरकारी आदेश की प्रति

झारखंड के गुमला में शिक्षकों ने एसीपी-एमएसीपी लाभ न मिलने पर सरकार के आदेश की प्रतियां जलाईं और विरोध प्रदर्शन कर तत्काल निर्णय वापस लेने की मांग की है।

गुमला के डुमरी मुख्यालय स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय डुमरी टांगरडीह परिसर में झारखंड सरकार द्वारा शिक्षकों को एसीपी-एमएसीपी का लाभ नहीं दिये जाने संबंधी जारी आदेश के विरोध में शिक्षकों ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सरकार के इस आदेश की प्रति जलाकर अपना गहरा विरोध दर्ज कराया. शिक्षकों का कहना है कि यह निर्णय उनके अधिकारों और हितों के पूरी तरह विपरीत है, जिससे राज्य के हजारों शिक्षकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस जनविरोधी आदेश को तत्काल वापस लेने तथा सभी पात्र शिक्षकों को नियमानुसार एसीपी-एमएसीपी का लाभ प्रदान करने की पुरजोर मांग की है. इसके साथ ही शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जायेगा.

विरोध प्रदर्शन में कौन कौन रहे शामिल

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मौके पर विकास कुमार महतो, यूनुस अंसारी, उदय प्रताप शाही, सुबोध प्रसाद, स्मिता एक्का, प्रफुल्ल समीर मिंज, अमरेश टोप्पो, अभिषेक मिंज, आशा कुमारी, मोनिका तिर्की, अनमोल एक्का, कोमल बाड़ा, प्रतिमा लकड़ा, पंकज भगत, अनिल राम ओहदार, बलवीर एक्का, कुलदीप कुजूर, शुचिता बखला, देमनती नगेशिया, निर्मला टोप्पो, मधुर लकड़ा सहित अन्य शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित थे.

जारी प्रखंड में भी शिक्षकों ने किया विभाग के आदेश का विरोध

इधर, जारी में भी आदेश के विरोध में नारेबाजी जारी प्रखंड के शिक्षकों ने एमएसीपी से वंचित करने वाले विभागीय आदेश की प्रति का प्रतीकात्मक दहन कर जोरदार विरोध जताया. फेडरेशन की प्रखंड अध्यक्षा जोसेफा टोप्पो ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों की यह वाजिब मांग वर्षों से लंबित है. जिससे शिक्षक समुदाय में घोर निराशा व्याप्त है. सरकार द्वारा बार-बार सकारात्मक आश्वासन देने के बावजूद हाल ही में विभागीय स्तर पर यह अन्यायपूर्ण निर्णय लिया गया कि शिक्षकों को एमएसीपी का लाभ देय नहीं होगा. इसी फैसले के विरोध में आज अल्बर्ट एक्का में प्रतिवाद कार्यक्रम आयोजित कर आदेश की प्रतियां जलायी गयी. मौके पर प्रखंड सचिव बिलेश्वर उरांव, विनित कुजूर, अंजली कुजूर, संजीव पंकज सहित कई अन्य शिक्षक उपस्थित थे.


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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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