Gumla Road Accident, गुमला (दुर्जय पासवान की रिपोर्ट): गुमला जिले में स्वास्थ्य विभाग की बदहाली से लोगों की मौत का सिलसिला रूकने का नाम ही नहीं ले रहा है. ताजा मामला जारी प्रखंड का है, जहां समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण एक घायल बुजुर्ग को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. परिजनों का स्पष्ट कहना है कि यदि अस्पताल प्रबंधन ने तत्परता दिखाई होती और एंबुलेंस उपलब्ध कराई होती, तो आज तरसियुस खलखो हमारे बीच होते.
दो बाइकों की सीधी भिड़ंत में चार घायल
जानकारी के अनुसार, रविवार को जारी थाना क्षेत्र के श्रीनगर गांव के समीप दो बाइकों के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हुई. एक बाइक पर चैनपुर निवासी रूपेश कुमार (19) और रिशु पासवान (18) सवार थे, जबकि दूसरी बाइक पर जारी निवासी तरसियुस खलखो (75) और अभय टोप्पो (35) जा रहे थे. इस टक्कर में चारों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें रूपेश के सिर और चेहरे पर गहरे जख्म आए.
रेफर के बाद भी एंबुलेंस का घंटों इंतजार
हादसे के बाद ग्रामीणों ने सभी घायलों को चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने सभी की नाजुक स्थिति को देखते हुए गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया. आरोप है कि रेफर के आदेश के बावजूद अस्पताल प्रबंधन काफी समय तक एंबुलेंस मुहैया नहीं करा सका. स्वास्थ्य व्यवस्था की इस बदहाली से मौके पर मौजूद लोगों और परिजनों में भारी नाराजगी देखी गई.
प्राइवेट गाड़ी से अस्पताल पहुंचते ही मौत
अंततः हार मानकर परिजनों ने निजी वाहन की व्यवस्था की और घायलों को गुमला ले गए. लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और अस्पताल पहुंचते ही बुजुर्ग तरसियुस खलखो की मौत हो गई. अन्य घायलों का इलाज जारी है, लेकिन इस घटना ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है. स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए ताकि भविष्य में किसी और की जान न जाए.
