गुमला–रांची बस किराया में अत्यधिक वृद्धि की जांच की मांग

गुमला-रांची बस मार्ग पर किराए में की गई अत्यधिक वृद्धि के खिलाफ नागरिकों ने डीसी और एसडीओ को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है।

गुमला–रांची मार्ग पर हाल ही में लागू नयी बस किराया सूची में अत्यधिक वृद्धि को लेकर नागरिकों की ओर से अनुमंडल पदाधिकारी गुमला को ज्ञापन सौंपकर किराया सूची की निष्पक्ष समीक्षा एवं आवश्यक संशोधन की मांग की गयी है. ज्ञात हो कि गुमला रांची मार्ग पर प्रतिदिन हजारों नागरिक अपने कार्यों से सफ़र करते हैं एवं उन्हें इस असामान्य किराया वृद्धि से अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा. दिलदार सिंह द्वारा डीसी, डीटीओ व एसडीओ को सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया है कि छह जून 2026 से प्रभावी नयी किराया सूची में गुमला–रांची मार्ग का किराया 150 रुपये से बढ़ाकर 180 रुपये निर्धारित किया गया है. जबकि यात्रियों के अनुसार इस मार्ग का वास्तविक पूर्व किराया 140 रुपये ही प्रचलित था. ऐसे में समान मानकों के आधार पर किराया 160 रुपये निर्धारित किया जाना अधिक उचित एवं तर्कसंगत होगा. ज्ञापन में कहा गया है कि बस एसोसिएशन द्वारा इस मार्ग का प्रचलित पूर्व किराया 140 रुपये की जगह गलत तरीके से 150 रुपये दर्शाते हुए बढ़ाकर 180 रुपये किया गया है. ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि गुमला–खूंटी एवं गुमला–मनोरा जैसे अन्य मार्गों पर किराया 140 रुपये से 160 रुपये किया गया है तथा गुमला से चंदवा, गुमला से महुआडाड तथा गुमला से रेंगारी आदि मार्ग पर भी पूर्व के 150 रुपये को बढ़ाकर सिर्फ 170 रुपये किया गया है. जबकि रांची–गुमला मार्ग पर सीधे 40 रुपये बढ़ाते हुए 28.57 प्रतिशत की वृद्धि कर दी गयी है, जो अधिकांश अन्य मार्गों की तुलना में काफी अधिक एवं सबसे ज्यादा है. संपूर्ण किराया सूची के विश्लेषण का हवाला देते हुए कहा गया है कि अधिकांश मार्गों पर किराया वृद्धि 15 से 17 प्रतिशत के बीच है. जबकि कुछ मार्गों पर इससे भी कम वृद्धि की गयी है. इसके विपरीत कुछ मार्गों पर 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की गयी है. जिसकी भी समीक्षा आवश्यक है. ताकि सभी मार्गों पर समान एवं न्यायसंगत मानकों के अनुरूप किराया निर्धारित किया जा सके.


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By Durjay paswan

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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