लोक नृत्य से जीवंत हुआ गुमला पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर, हर्षोल्लास से मना करम पर्व

गुमला पॉलिटेक्निक कॉलेज ने धूमधाम से कर्मा पूजा मनाई. करम वृक्ष की पूजा, भाई-बहन के प्रेम और प्रकृति के प्रति गहरी आस्था का संगम देखने को मिला. पारंपरिक नृत्यों से परिसर जीवंत हुआ.

गुमला. गुमला पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में मंगलवार को कर्मा पूजा हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनायी गयी. इस दौरान करम वृक्ष की विधि-विधान से पूजा की गयी. पूजा में संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया. सभी ने सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की.

भाई-बहन के प्रेम और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक

कर्मा पूजा में करम वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है. यह पर्व भाई-बहन के प्रेम और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक माना जाता है. मान्यता के अनुसार, बहनें अपने भाइयों की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना के लिए कर्मा पूजा करती हैं. इसे प्रकृति पूजन से भी जोड़कर देखा जाता है. कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. शिबा नारायण साहू और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अजीत कुमार शुक्ल ने पूजा में शामिल छात्र-छात्राओं को कर्मा पूजा की महत्ता के बारे में बताया. उन्होंने समृद्धि, कल्याण और मां प्रकृति के आशीर्वाद के लिए प्रार्थना की.

जावा व कांसी के साथ पूजा | Prabhat Khabar Network

पारंपरिक नृत्य से जीवंत हुआ परिसर

पूजा के बाद कॉलेज परिसर झारखंड के पारंपरिक लोक नृत्यों से जीवंत हो उठा. रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे विद्यार्थियों ने कर्मा पूजा से जुड़े लोक नृत्यों की उत्साहपूर्वक प्रस्तुति दी. इस दौरान विद्यार्थियों ने झारखंड की लोक संस्कृति और परंपरा की झलक पेश की. कार्यक्रम में समुदाय की एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का संदेश भी देखने को मिला.

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करम डाल के समीप पूजा करते | Prabhat Khabar Network

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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