प्रतिनिधि, गुमला संप्रेक्षण गृह गुमला में कानून का उल्लंघन कर मुख्यधारा में वापस शामिल करने की प्रक्रिया में आवासित किशोरों ने अपने जीवन में बाल श्रम नहीं करने, बाल श्रम का विरोध करने और जागरूकता कार्य में योगदान का संकल्प लिया. विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर तिर्रा सिलम स्थित संप्रेक्षण गृह गुमला में किशोर न्याय बोर्ड के तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम हुआ. बोर्ड सदस्य कृपा खेस ने बच्चों को बाल संरक्षण, बाल अधिकार और बाल श्रम के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा की शिक्षा बहुत जरूरी है. बाल श्रम से बच्चों का बचपन छीन जाता है. पहले पढ़ाई तब काम में लगे. अच्छी पढ़ाई व प्रशिक्षण अच्छे रोजगार का अवसर देता है.
लोगों को जागरूक करने का संकल्प दिलाया
बोर्ड सदस्य त्रिभुवन शर्मा ने किशोरों को बाल श्रम नहीं करने, परिवार गांव के लोगों को जागरूक करने का संकल्प दिलाया. बच्चों ने कहा कि मुख्य धारा में शामिल होकर पहले पढ़ाई पूरा करेंगे. रोजगार का प्रशिक्षण लेंगे. उन्होंने बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध कानून 1986 की जानकारी दी और कहा 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कार्य करना पूर्णतः प्रतिबंधित है. मौके पर संगीत शिक्षक स्वप्न राय द्वारा शिक्षित किशोरों ने गीत प्रस्तुत किया. इस दौरान गृहपति दीपक कुमार, शिक्षिका सोनी कुमारी सहित कई लोग थे.