गुमला अस्पताल के ब्लड बैंक को मिला लाइसेंस, सांसद की पहल लायी रंग

गुमला सदर अस्पताल के ब्लड बैंक को आखिरकार लाइसेंस मिल गया है। सांसद सुखदेव भगत की पहल से अब जिले के मरीजों को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध हो सकेगा।

गुमला सदर अस्पताल के ब्लड बैंक को आखिरकार लाइसेंस मिल गया है. अब जिले के मरीजों को गुमला में ही खून उपलब्ध होगा. इस उपलब्धि के पीछे लोहरदगा लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत का बड़ा प्रयास रहा है. सांसद न केवल विभागीय मंत्री के समक्ष मामला को उठाये थे. बल्कि जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति दिशा की बैठक में भी प्रमुखता से रखा था. सांसद ने कहा है कि चाइबासा में कथित रूप से संक्रमित रक्त चढ़ाया जाने के मामले के बाद सरकार ने रक्त की एचआइवी जांच अनिवार्य कर दी. वर्तमान में यह सुविधा मुख्य रूप से रांची में उपलब्ध होने के कारण जिलों से रक्त के नमूने जांच के लिए रांची भेजे जाते थे. जिससे रिपोर्ट आने में चार-पांच-6 दिन तक का समय लग जाता था और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. ब्लड सेंटर को मान्यता मिलने के बाद अब मरीजों का रक्त स्थानीय स्तर पर सुरक्षित रहेगा. जिससे जरूरत मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में काफी सहुलियत होगी. प्रतिनिधि आलोक साहू ने कहा है कि सांसद सुखदेव भगत की इस पहल से जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है जो मरीजो को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा. ब्लड सेंटर को लाइसेंस मिलने से जिले में भी रक्त संबंधी सेवाएं अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो जायेगी. गुमला जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी. लोहरदगा जिले में भी सांसद के प्रयास से ब्लड बैंक का लाइसेंस मिला है.


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By Durjay paswan

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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