गुमला: अवैध संबंध में पत्नी-बेटी की हत्या करने वाले को उम्रकैद, 4 साल बाद इंसाफ

Gumla Double Murder Case: गुमला की ADJ-1 अदालत ने 2022 में गर्भवती पत्नी अमीषा देवी और 3 वर्षीय बेटी की निर्मम हत्या करने वाले आरोपी पति मिथलेश गोप को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अवैध संबंध के विरोध पर आरोपी ने बसिया की गुनसेरा नदी के पास वारदात को अंजाम दिया था.

गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट

Gumla Double Murder Case, गुमला: गुमला जिले को झकझोर कर रख देने वाले चार साल पुराने दोहरे हत्याकांड मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-1) प्रेम शंकर की अदालत ने अपनी ही गर्भवती पत्नी और 3 वर्षीय मासूम बेटी की निर्मम हत्या करने वाले कसाई पति मिथलेश गोप को दोषी करार देते हुए उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है, जिसका भुगतान न करने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी.

दूसरी महिला के प्यार में अंधा होकर रचा था खूनी खेल

यह पूरी खौफनाक वारदात दिसंबर 2022 की है. पालकोट थाना क्षेत्र के सतखरी गांव निवासी मिथलेश गोप का किसी दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध था. जब इसकी भनक उसकी पत्नी अमीषा देवी को लगी, तो घर में रोज-रोज विवाद होने लगा. रोज के झगड़ों और प्रताड़ना से तंग आकर अमीषा अपनी 3 साल की बेटी सोनाछी कुमारी को लेकर बसिया थाना क्षेत्र के बनाई गांव स्थित अपने मायके चली गई थी. उस वक्त वह गर्भवती भी थी. मायके में रहने के दौरान मिथलेश लगातार उस पर वापस आने का दबाव बना रहा था और एक दिन उसने समझौते का ढोंग रचकर पत्नी-बेटी को मिलने के लिए बुलाया.

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नदी किनारे घुमाने के बहाने ले गया और ले ली जान

मासूम अमीषा अपने पति के खूनी इरादों से अनजान, अपनी बेटी को लेकर उसके पास पहुंच गई. मिथलेश दोनों को बसिया स्थित गुनसेरा नदी के पास घुमाने के बहाने एक सुनसान इलाके में ले गया. एकांत पाकर उसने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं. उसने पहले अपनी गर्भवती पत्नी अमीषा देवी की गला रेतकर बेहद बेरहमी से हत्या की और फिर रोती-बिलखती अपनी ही 3 साल की मासूम बेटी सोनाछी को भी मौत के घाट उतार दिया. इस जघन्य दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे गुमला जिले में भारी आक्रोश फैल गया था.

4 साल बाद कोर्ट में न्याय की जीत

अदालत में इस संवेदनशील मामले में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक (APP) अजय रजक ने बेहद मजबूती से पैरवी की. वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर जुर्म पूरी तरह साबित होने के बाद अदालत ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई. कोर्ट के इस फैसले के बाद मृतका के मायके वालों और पीड़ित परिवार ने राहत की सांस लेते हुए इसे न्याय की बड़ी जीत बताया है.

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Published by: Sameer Oraon

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