गुमला में बच्चा चोरी की अफवाह पर बवाल, दो ग्रामीणों की पिटाई, पुलिस ने बचाई जान

Child Kidnapping Rumor: गुमला के चेटर चाहा गांव में बच्चा चोरी की अफवाह पर ग्रामीणों ने दो लोगों की पिटाई कर दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को भीड़ से बचाया. बाद में बच्ची पास के पार्क में सुरक्षित मिल गयी. प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट

Child Kidnapping Rumor: झारखंड के गुमला सदर थाना क्षेत्र के चेटर चाहा गांव में मंगलवार की रात बच्चा चोरी की अफवाह ने अचानक माहौल को तनावपूर्ण बना दिया. संदेह के आधार पर ग्रामीणों ने दो लोगों को पकड़ लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी. घटना में बनू महतो और शिव सागर महतो घायल हो गए. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर उनकी जान बचाई.

बच्ची के वापस नहीं लौटने पर बच्चा चोरी का शक

बताया जाता है कि मंगलवार की शाम गांव की एक छोटी बच्ची चुपचाप घर से निकलकर पास के पार्क की ओर चली गई थी. काफी देर तक बच्ची के घर नहीं लौटने पर परिजन चिंतित हो गए और ग्रामीणों के साथ उसकी तलाश शुरू कर दी. इसी दौरान गांव में मौजूद बनू महतो और शिव सागर महतो पर कुछ लोगों ने बच्चा चोरी का शक जता दिया.

बिना किसी पुष्टि के ग्रामीणों ने शुरू कर दी पिटाई

संदेह के आधार पर ही ग्रामीणों ने दोनों को पकड़ लिया और बिना किसी पुष्टि के उनकी पिटाई शुरू कर दी. भीड़ के हमले में दोनों बुरी तरह घायल हो गये. मारपीट के दौरान बनू महतो का कान भी कट गया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया.

पुलिस ने भीड़ को किया नियंत्रित

घटना की सूचना मिलने के बाद सदर थाना की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची. पुलिस ने भीड़ को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों घायलों को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. इधर कुछ देर बाद जिस बच्ची के अपहरण की आशंका जताई जा रही थी. वह पास के पार्क में सुरक्षित मिल गई. बच्ची के मिलने के बाद पूरे मामले की सच्चाई सामने आ गई और पता चला कि यह पूरी घटना सिर्फ अफवाह और गलतफहमी की वजह से हुई.

बच्चा चोरी की अफवाहों से सावधान रहने की अपील

पुलिस ने गुमला के लोगों से अपील की है कि पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की गुमशुदगी, चोरी अथवा अपहरण से संबंधित विभिन्न प्रकार की खबरें एवं सूचनाएं तेजी से वायरल की जा रही हैं. जिससे आमजन के बीच भय और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है. प्रशासनिक जांच में ऐसी अधिकांश सूचनाएं भ्रामक एवं अफवाह साबित हुई हैं. जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित इस प्रकार की सूचनाओं पर बिना सत्यता की जांच किए विश्वास न करें. किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाह फैलाना दंडनीय अपराध है.

इमरजेंसी में 112 पर करें कॉल

पुलिस का कहना है कि ऐसी अफवाहों के आधार पर किसी व्यक्ति के साथ मारपीट, प्रताड़ना अथवा किसी भी प्रकार की भीड़ हिंसा करना भी कानूनन अपराध है. आम नागरिकों से अपील है कि यदि इस प्रकार की कोई भी सूचना या संदिग्ध मामला प्रकाश में आता है, तो इसकी जानकारी तत्काल स्थानीय थाना को दें अथवा आपातकालीन स्थिति में 112 पर कॉल करें. इसके अतिरिक्त जिला नियंत्रण कक्ष, गुमला के दूरभाष संख्या 9798148089 पर भी सूचना दी जा सकती है.

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चौक-चौराहों पर माइकिंग

उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के आलोक में जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, गुमला द्वारा जिले के विभिन्न चौक-चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर माइकिंग के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है. इसका उद्देश्य अफवाहों पर रोक लगाना और जिले में शांति-सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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