गोया फुटबॉल टूर्नामेंट में एसएलडी गुमला डीपाटोली का जलवा, खिताब पर जमाया कब्जा

गुमला के गोया गांव में आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट का समापन हुआ। एसएलडी गुमला डीपाटोली की टीम विजेता बनी और उसे 50 हजार रुपये का पुरस्कार मिला।

गुमला: घाघरा प्रखंड के गोया गांव में आयोजित चार दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला खेला गया. प्रतियोगिता में सीनियर वर्ग की 32 और जूनियर वर्ग की 12 टीमों ने हिस्सा लिया.

समापन समारोह में आयोजक बबलू खान ने खिलाड़ियों, टीम प्रबंधकों, खेलप्रेमियों और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि गोया में प्रत्येक वर्ष फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित करने का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना है. ग्रामीण इलाकों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उन्हें अवसर देने की है.

उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, मेहनत और टीम भावना सिखाता है. खिलाड़ियों को हार-जीत की चिंता किए बिना खेल भावना के साथ मैदान में उतरना चाहिए और अपने प्रदर्शन को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में प्रतियोगिता को और बेहतर एवं व्यापक रूप देने का प्रयास किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक स्थानीय खिलाड़ी इसमें भाग ले सकें.

एसएलडी गुमला डीपाटोली बनी विजेता

फाइनल मुकाबले में सीनियर वर्ग में एसएलडी गुमला डीपाटोली की टीम विजेता बनी. विजेता टीम को विशाल खस्सी और 5,000 रुपये नकद पुरस्कार दिया गया. बसुआ पतराटोली की टीम उपविजेता रही. उसे विशाल खस्सी और 3,000 रुपये नकद पुरस्कार मिला.

तीसरे स्थान पर जूनियर एफसी की टीम रही. उसे विशाल खस्सी और 2,000 रुपये नकद पुरस्कार दिया गया. चौथे स्थान पर एमआरडी कोचा की टीम रही, जिसे खस्सी और 1,000 रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किया गया.

समापन समारोह में अध्यक्ष शेर खान, सचिव सुरेश उरांव, आयोजक बबलू खान सहित तमाम टीमों के सदस्य और खेलप्रेमी मौजूद रहे.


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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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