Gumla: 108 एंबुलेंस खराब, हादसे में घायल मरीजों को निजी वाहन से जाना पड़ा अस्पताल

घाघरा में सड़क दुर्घटनाओं में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की 108 एंबुलेंस खराब मिलने से उन्हें निजी वाहन से अस्पताल ले जाना पड़ा.

अजित कुमार साहू की रिपोर्ट

घाघरा (गुमला). घाघरा थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर हुई सड़क दुर्घटनाओं में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गये. घायलों में कपिया निवासी उमेश उरांव, मनीष उरांव और महुगांव निवासी जयपाल भगत व हरि उरांव शामिल हैं.

बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल रेफर

दुर्घटना के बाद ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाघरा पहुंचाया गया. यहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद उमेश उरांव, मनीष उरांव और जयपाल भगत को बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया. लेकिन अस्पताल की 108 एंबुलेंस खराब होने के कारण घायलों को निजी वाहन किराये पर लेकर गुमला जाना पड़ा.

पुटो के पास अनियंत्रित होकर गिरी बाइक

जानकारी के अनुसार, पहली घटना पुटो के पास हुई. उमेश उरांव और मनीष उरांव मोटरसाइकिल से घाघरा से अपने घर कपिया लौट रहे थे. इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी, जिसमें दोनों घायल हो गये. वहीं दूसरी घटना में जयपाल भगत और हरि उरांव मोटरसाइकिल से चमडु से अपने गांव महुगांव लौट रहे थे. इसी दौरान उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गयी और दोनों घायल हो गये.

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एंबुलेंस खराब मिलने पर उठे सवाल

घटना की जानकारी मिलने पर कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष आदित्य भगत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाघरा पहुंचे. उन्होंने घायलों का हाल जाना और 108 एंबुलेंस की स्थिति के बारे में जानकारी ली. स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों ने एंबुलेंस खराब होने की जानकारी दी. आदित्य भगत ने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री से घाघरा की खराब एंबुलेंस को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं रहने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. उन्होंने यह भी कहा कि कई बार समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने से गंभीर मरीजों की स्थिति और बिगड़ जाती है.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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