डुमरी. प्रखंड के आरसी चर्च नवाडीह व रजावल में रविवार को नवाखानी पर्व मनाया गया. नवाडीह में मुख्य अनुष्ठाता फादर ब्यातुष किंडो, सहयोगी फादर पिंगल कुजूर, फादर देवनीश एक्का व रजावल में फादर दोमनिक तिर्की, सहयोगी फादर एडवर्ड लकड़ा की अगुवाई में विशेष मिस्सा पूजा हुई. फादर ब्यातुष किंडो ने कहा कि नवाखानी पर्व ईश्वर की कृपा व मेहनतकश किसानों के परिश्रम का प्रतीक है. मानव जीवन में अन्न का काफी महत्व है. गांव के लोग अपने खेतों से प्राप्त नये धान का पहला अंश ईश्वर, प्रकृति व पूर्वजों को समर्पित करते हैं. क्योंकि यह केवल जीवन निर्वाह का साधन ही नहीं, बल्कि प्रकृति व प्रभु की कृपा का जीवंत रूप है. उन्होंने बताया कि नये अन्न को प्रभु को अर्पित करने की परंपरा इस बात की प्रतीक है कि मनुष्य हर उपज के पीछे ईश्वर की देन व अपनी मेहनत का सामंजस्य देखता है. मौके पर सभी ने सामूहिक प्रार्थना के जरिये गांव व समाज की सुख-समृद्धि की कामना की. ब्रदर समीर एक्का की अगुवाई में कोयर दल ने धार्मिक गीत, भजन प्रस्तुत किये. मौके पर फादर अलविश, फादर अजय, फादर अमरद्वीप, सिस्टर वेरनासिया, सिस्टर दिव्या, सिस्टर फ्लोरा, सिस्टर पुष्पा, सिस्टर लिली बाड़ा, सिस्टर भूषण, सिस्टर फिल्सिता, सिस्टर बीबयानी, सिस्टर आरती, सिस्टर सिसिलिया, सचिन एक्का, रंजीत कुजूर, लिविन टोप्पो, प्रदीप मिंज, विकास लकड़ा आदि मौजूद थे.
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