गुमला: झारखंड के गुमला जिले में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने, मारपीट कर गर्भपात कराने, गहने रखने, जान से मारने की धमकी देने और तीन तलाक देने के मामले में महिला थाना गुमला में पति समेत सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. प्राथमिकी चांदनी चौक खड़ियापाड़ा निवासी एक महिला के लिखित आवेदन के आधार पर दर्ज की गयी है.
मामले में पुलिस ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है. महिला ने प्राथमिकी में बताया है कि उसका निकाह 23 अप्रैल 2019 को हजारीबाग के पगमिल हासमिया कॉलोनी निवासी मो रिजवान के साथ हुआ था. शादी के समय मायके वालों ने करीब तीन लाख रुपये नगद, लगभग साढ़े पांच लाख रुपये के गहने तथा फर्नीचर, फ्रिज, वाशिंग मशीन समेत अन्य सामान दिये थे.
आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग कम दहेज लाने का ताना देते हुए अतिरिक्त रुपये की मांग करने लगे. महिला के अनुसार, ससुराल वालों ने पहले दो लाख रुपये की मांग की थी. इसके बाद उसके भाई ने एक लाख रुपये पति को दिए, जिसे पति ने अपनी मां को दे दिया. करीब छह माह बाद जब वह दो माह की गर्भवती थी. तब ससुराल में परिवार के लोगों ने बैठक कर पति का नया कारोबार शुरू कराने के नाम पर मायके से दस लाख रुपये लाने की मांग की.
आवेदन के अनुसार, महिला ने मायके की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए रुपये देने में असमर्थता जतायी तो उसके साथ मारपीट की गयी. आरोप है कि ननद ने उसे थप्पड़ मारा. जबकि सास ने स्टील के लोटे से सिर पर वार कर दिया. जिससे उसका सिर फट गया और खून निकलने लगा. इसके बाद देवर मो. एजाज ने कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की. महिला ने एक अन्य रिश्तेदार मो. उस्मान पर कमरे में घुसकर उसके साथ गलत तरीके से छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया है. महिला के विरोध करने और शोर मचाने के बाद परिवार के अन्य लोग कमरे में पहुंचे.
साथ ही आरोप यह भी है कि पति समेत सभी लोगों ने उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की. इसी दौरान उसके गहने निकालकर ननद सगुफ्ता परवीन ने अपने पास रख लिए. महिला का आरोप है कि मारपीट के कारण उसका गर्भपात हो गया. घटना 14 नवंबर 2019 की रात करीब सवा दस बजे की बतायी जा रही है.
महिला के अनुसार, 21 नवंबर 2019 को उसका पति उसे मायके छोड़ गया और कहा कि जब तक रुपये नहीं लाओगी, वापस मत आना. इसके बाद वह करीब तीन साल तक मायके में रही. बाद में उसके भाई ने डेढ़ लाख रुपये की व्यवस्था कर उसे ससुराल पहुंचाया और रकम पति को दी. लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद उसे पत्नी का दर्जा नहीं दिया गया और करीब दो साल तक नौकरानी की तरह रखा गया.
महिला ने प्राथमिकी में बताया गया है कि दिसंबर 2024 में उसका भाई ससुराल गया था. उस दौरान पति ने कथित तौर पर कहा कि जब तक पूरी रकम नहीं दी जायेगी. तब तक उसे बेइज्जत किया जाता रहेगा. इसके बाद उसका भाई उसे वापस मायके ले आया.
50 हजार रुपये देने पर भी नहीं माने, तीन तलाक देने का आरोप
महिला का आरोप है कि एक जून 2026 को उसका पति उसके मायके आया था. उसका भाई 50 हजार रुपये नगद दे रहा था. लेकिन पति ने यह कहते हुए रकम लेने से इनकार कर दिया कि इतनी राशि पर्याप्त नहीं है. इसके बाद विवाद हुआ और आरोप है कि दोपहर करीब दो बजे पति ने उसे तीन तलाक दे दिया.
महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि मुकदमा करने पर उसे और उसके परिवार के सदस्यों को जान से मरवा देने की धमकी दी गयी. महिला थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर पति मो रिजवान, सास हुस्नारा खातून, ननद रेहाना खातून, शबाना परवीन और सगुफ्ता परवीन, मो उस्मान तथा मो एजाज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस के अनुसार प्राथमिकी में लगाये गये आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी.
