गुमलाः भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के तहत जिले में चल रहे विशेष शिविरों और सुनवाई प्रक्रिया का बुधवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने औचक निरीक्षण किया. उनके साथ डीपीआरओ ललन कुमार रजक भी मौजूद थे.
शिविरों में मतदाताओं की स्थिति की ली जानकारी
उपायुक्त ने विभिन्न पंचायतों में लगे शिविरों में मतदाताओं की उपस्थिति, प्राप्त दावे-आपत्तियां, नोटिस तामिला, दस्तावेज सत्यापन और मामलों के निष्पादन की प्रगति की जानकारी ली. रायडीह प्रखंड के सिलम में उन्होंने नोटिस प्राप्त करने वाले कई मतदाताओं से बातचीत कर उनके मामलों की जानकारी ली.
उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि पात्र मतदाताओं को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी नहीं हो. प्रत्येक मामले में निर्धारित प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों का सत्यापन कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाये. किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने और तय समय-सीमा में उसका निष्पादन करने का भी निर्देश दिया.
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जिले में 2,11,373 नोटिस केस चिह्नित
उपायुक्त ने कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और निर्वाचन नियमों के अनुरूप होनी चाहिए. शिविरों में नोटिस प्राप्त मतदाताओं के दावे-आपत्तियों की सुनवाई, दस्तावेजों का सत्यापन और मामलों के निष्पादन की कार्रवाई जारी है. जिला प्रशासन इसकी नियमित निगरानी कर रहा है.
जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में एसआइआर के तहत कुल 2,11,373 नोटिस केस चिह्नित किये गये हैं. ये मामले 1,019 बूथ/भाग से जुड़े हैं. इनमें 1,73,929 विसंगतियां, 29,698 नो मैपिंग और 7,746 लंबित सत्यापन (पेंडिंग डीएससी) के मामले शामिल हैं. आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर उनका सत्यापन और ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है.
चार सितंबर तक दर्ज करा सकते हैं दावा-आपत्ति
उपायुक्त ने नोटिस प्राप्त मतदाताओं से निर्धारित तिथि और स्थान पर सुनवाई व विशेष शिविर में उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की अपील की. उन्होंने कहा कि इससे मामलों का समयबद्ध निष्पादन हो सकेगा. दावा-आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि चार सितंबर 2026 है, जबकि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन सात अक्तूबर 2026 को निर्धारित है.
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