मनरेगा बीपीओ को हटाने से लेकर बाइपास पर गोलचक्कर निर्माण तक की उठी मांग
दिशा की बैठक में उठे कई अहम मुद्दे
गुमला. डुमरी प्रखंड के मनरेगा बीपीओ संदीप उरांव को हटाने की मांग दिशा की बैठक में प्रमुखता से उठी. साथ ही गुमला शहर के बाइपास सड़क स्थित उर्मी चौराहा के समीप गोल चक्कर निर्माण और समुचित लाइट व्यवस्था की मांग रखी गयी. सदस्यों ने कहा कि गोल चक्कर और रोशनी के अभाव में यहां प्रतिदिन दुर्घटनाएं हो रही हैं. बैठक में सदस्यों द्वारा उठाये गये प्रमुख मुद्दे.
गलत तरीके से वसूला जा रहा टोल टैक्स : संतोष
दिशा सदस्य संतोष कुमार गुप्ता ने कहा कि फोरलेन सड़क का निर्माण पूरा हुए बिना ही टोल टैक्स की वसूली की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है. टोल कर्मियों द्वारा स्थानीय लोगों के साथ दुर्व्यवहार की भी शिकायत की गयी. इस पर उपायुक्त ने ठोस निर्णय लेने की बात कही. श्री गुप्ता ने डुमरी प्रखंड के मनरेगा बीपीओ को हटा कर उनके कार्यकाल में चैनपुर, डुमरी व जारी प्रखंड में हुए मनरेगा कार्यों की जांच कराने की मांग की.
पटेल चौक का सुंदरीकरण किया जाये : रमेश
दिशा सदस्य रमेश कुमार चीनी ने प्रभात खबर में प्रकाशित पटेल चौक की स्थिति से जुड़ी खबर का हवाला देते हुए कहा कि पटेल चौक का सुंदरीकरण किया जाना चाहिए. इसके अलावा टावर चौक व थाना रोड के समीप भी सुंदरीकरण की जरूरत है. उन्होंने उर्मी चौराहा में समुचित लाइट व्यवस्था व गोल चक्कर निर्माण की मांग दोहराते हुए कहा कि यह क्षेत्र अब मिनी गुमला बनता जा रहा है, इसलिए दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को गंभीर कदम उठाने चाहिए.
आदर लैंपस चालू कर धान खरीद शुरू हो : सुनील
दिशा सदस्य सुनील कुमार भगत ने घाघरा प्रखंड के आदर गांव स्थित लैंपस से धान खरीद शुरू नहीं होने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि लैंपस बंद रहने से किसान औने-पौने दाम पर धान बेचने को मजबूर हैं. प्रशासन को चाहिए कि आदर लैंपस को चालू कर सरकारी दर पर धान की खरीद सुनिश्चित करे. उन्होंने आठवीं बोर्ड परीक्षा के पंजीयन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पंजीयन शुरू नहीं होने से छात्र, शिक्षक व अभिभावक परेशान हैं. इस समस्या का समाधान किया जाये.
पालकोट में महिला मंडल का एमओयू एक साल के लिए हो : मनीष
दिशा सदस्य मनीष कुमार हिंदुस्तान ने पालकोट प्रखंड में महिला मंडल के एमओयू की अवधि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अन्य प्रखंडों में जहां एक साल के लिए एमओयू किया गया है, वहीं पालकोट में केवल छह महीने का एमओयू है. उन्होंने पालकोट प्रखंड में भी एक साल के लिए एमओयू करने की मांग की, ताकि महिला मंडल प्रशासन के साथ मिल कर विकास कार्यों में योगदान दे सकें और महिलाएं स्वावलंबी बनें. मछली मशीन को सोलर से जोड़ने की भी मांग रखी गयी.
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