गुमला. जिले के राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के सफल व भ्रष्टाचार मुक्त कार्यान्वयन के लिए माता समिति के पुनर्गठन की मांग लोगों ने डीसी को ज्ञापन सौंप कर की है. ज्ञापन में कहा है कि राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2003 में माता समिति का गठन कर विद्यार्थियों को दोपहर का पका भोजन, गुणवतायुक्त पोषाहार, रूटीन अनुसार प्रतिदिन अलग-अलग भोजन निर्धारित किया गया था. इसके लिए माता समिति को शामिल किया गया था, जिनके बच्चे उस विद्यालय में नामांकित व अध्ययन करते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य यह था कि एक मां अपने परिवार व बच्चों के लिए जिस गुणवत्ता व पोषक तत्वों का ख्याल रखती है. वैसे ही भोजन अन्य बच्चों के लिए बनाया जाये, ताकि माता समिति की माता के बच्चे व अन्य बच्चे एक साथ भोजन खा सके. लोगों ने कहा है कि उपायुक्त को यह बताना है कि वर्ष 2003 में माता समिति के गठन के बाद समय समय पर इसका पुनर्गठन किया जाना है. किंतु प्रशासनिक लापरवाही से ऐसा नहीं हो सका. परिणाम स्वरूप वर्तमान समय में जिन माताओं के बच्चे उस विद्यालय में पढ़ते थे. अब वे इस विद्यालय से निकल चुके हैं. अब कोई भी माता समिति के माताओं के बच्चे उस विद्यालय में नहीं पढ़ते हैं. इस कारण भोजन बनाने में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जाता है. यहीं कारण है कि कुछ दिनों में बच्चों के बीमार होने के मामले सामने आते हैं.
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