गुमला की लाइब्रेरी और साइंस सेंटर में अचानक पहुंचे डीडीसी, बच्चों से पूछी पढ़ाई की असली परेशानी

गुमला डीडीसी अनिमेष रंजन ने बिरसा मुंडा लाइब्रेरी और साइंस सेंटर का निरीक्षण कर विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.

गुमला. उप विकास आयुक्त (डीडीसी) गुमला अनिमेष रंजन ने बुधवार को गुमला सदर स्थित बिरसा मुंडा लाइब्रेरी, सावित्री बाई फुले लाइब्रेरी व साइंस सेंटर का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने पुस्तकालयों में व्यवस्थाओं का जायजा लिया. मौके पर डीडीसी ने पुस्तकालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों से संवाद किया और उनकी पढ़ाई, उपलब्ध सुविधाओं तथा सामने आ रही समस्याओं के संबंध में जानकारी ली. विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनकी आवश्यकताओं को समझने का प्रयास किया. साथ ही मौके पर मौजूद संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक सुधार की दिशा में कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

डीडीसी ने कहा कि बेहतर शैक्षणिक परिणाम के लिए बच्चों को केवल विद्यालय तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें पढ़ने, समझने, प्रयोग करने और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान खोजने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना भी जरूरी है. इसी उद्देश्य से जिले में संचालित पुस्तकालयों एवं साइंस सेंटर को विद्यार्थियों के लिए अधिक उपयोगी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा बतायी गयी समस्याओं व आवश्यकताओं के समाधान के लिए शीघ्र ही संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर आवश्यक निर्णय लिये जायेंगे, ताकि पुस्तकालय आने वाले विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण व आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो तथा वे नियमित रूप से इन संसाधनों का लाभ उठा सकें.

साइंस सेंटर के निरीक्षण में डीडीसी ने बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि, जिज्ञासा व वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर दिया. साथ ही जिले के आवासीय विद्यालयों सहित अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों का साइंस सेंटर में नियमित भ्रमण कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि विज्ञान को केवल पाठ्यपुस्तकों में पढ़ने के बजाय यदि बच्चे प्रयोगों एवं मॉडल के माध्यम से समझेंगे, तो विषय के प्रति उनकी रुचि और समझ दोनों बेहतर होगी. उन्होंने कहा कि इस दिशा में विद्यालयों व साइंस सेंटर के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए विद्यार्थियों के नियमित एक्सपोजर विजिट की व्यवस्था पर काम किया जायेगा.

इसके माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी विज्ञान के प्रयोगात्मक एवं अनुभव आधारित अध्ययन से जोड़ने का प्रयास किया जायेगा, ताकि उनमें क्यो और कैसे जैसे सवाल पूछने की प्रवृत्ति विकसित हो और वे विज्ञान को रुचि के साथ समझ सकें. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि जिले के विद्यार्थी उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का अधिकतम लाभ उठायें. पुस्तकालयों को अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयोगी केंद्र के रूप में विकसित करने के साथ-साथ साइंस सेंटर के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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