गुमला: गुमला की बेटियों ने फुटबॉल के मैदान में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 65वें सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल कप के अंडर-17 बालिका वर्ग के राष्ट्रीय फाइनल में जगह बना ली है. संत पैट्रिक स्कूल, गुमला की टीम झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए अब तक प्रतियोगिता में अपराजेय रही है. 27 अगस्त को नई दिल्ली में होने वाले फाइनल मुकाबले में झारखंड का सामना मिजोरम से होगा. टीम की नजर अब प्रतिष्ठित सुब्रतो कप की ट्रॉफी पर है.
गुमला की बेटियों की यह सफलता जिला स्तर से शुरू हुई लंबी विजय यात्रा का परिणाम है. टीम ने पहले गुमला जिला स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया. इसके बाद दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल और राज्य स्तर पर भी अपना दबदबा कायम करते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता में झारखंड का प्रतिनिधित्व करने का गौरव हासिल किया.
लीग मुकाबलों से लेकर सेमीफाइनल तक जारी रहा विजय अभियान
राष्ट्रीय स्तर पर भी टीम का शानदार प्रदर्शन जारी रहा. दिल्ली में खेले गए चार लीग मुकाबलों में झारखंड ने त्रिपुरा, राजस्थान, दिल्ली और आर्मी पब्लिक स्कूल की टीमों को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया. क्वार्टर फाइनल में गुमला की बेटियों ने बिहार को 5-1 से करारी शिकस्त देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई.
सेमीफाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा. सीआईएससी के खिलाफ निर्धारित समय तक दोनों टीमें बराबरी पर रहीं. इसके बाद मुकाबला अतिरिक्त समय तक पहुंचा. निर्णायक समय में ऊषा कुमारी और साबरनी कुमारी ने शानदार गोल कर झारखंड को 2-0 की बढ़त दिलायी. अंततः झारखंड ने सीआईएससी को हराकर फाइनल का टिकट कटाया.
खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने मजबूत की टीम
टीम की सफलता में कप्तान बीना कुमारी की नेतृत्व क्षमता महत्वपूर्ण रही है. गोलकीपर खुशबू कुमारी और अर्चना डुंगडुंग ने गोलपोस्ट की जिम्मेदारी संभालते हुए टीम की रक्षापंक्ति को मजबूत किया. वहीं साबरनी कुमारी, मनीषा डुंगडुंग और ऊषा कुमारी ने आक्रामक खेल से विपक्षी टीमों पर लगातार दबाव बनाया. गौरी सिंह, सीमा उरांव, स्वीटी मिंज और कृति उरांव ने भी टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
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आवासीय प्रशिक्षण केंद्र ने निखारी खिलाड़ियों की प्रतिभा
खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने में इनडोर स्टेडियम गुमला स्थित आवासीय बालिका फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र की भूमिका अहम रही है. नियमित अभ्यास और प्रशिक्षण के माध्यम से खिलाड़ियों ने तकनीकी, शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को मजबूत किया है. फाइनल से पहले टीम अंतिम रणनीति और अभ्यास में जुटी है.
कोच सह प्रशिक्षक वीणा केरकेट्टा के नेतृत्व में खिलाड़ियों की फिटनेस, रिकवरी और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. फिजियोथैरेपिस्ट आयुषी और मैनेजर बिंदु कुजूर भी टीम के साथ रहकर खिलाड़ियों की तैयारी में सहयोग कर रही हैं. झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन सोरेंग लगातार टीम के संपर्क में रहकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा रहे हैं.
ट्रॉफी पर गुमला की बेटियों की नजर
गुमला की बेटियों की यह उपलब्धि झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के खेल प्रोत्साहन अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है. जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, खेल विभाग, प्रशिक्षकों और खेलप्रेमियों ने टीम को फाइनल के लिए शुभकामनाएं दी हैं. अब 27 अगस्त को मिजोरम के खिलाफ होने वाले फाइनल मुकाबले पर पूरे झारखंड की नजरें टिकी हैं. गुमला की बेटियां सुब्रतो कप की प्रतिष्ठित ट्रॉफी झारखंड के नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेंगी.
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