अखाड़ा संस्कृति से जुड़े रहेंगे, तो स्वस्थ रहेंगे : मंत्री
बिशुनपुर प्रखंड में धूमधाम से मनाया गया प्रकृति पर्व सरहुल
बिशुनपुर. बिशुनपुर प्रखंड में प्रकृति पर्व सरहुल धूमधाम से मनाया गया. करमटोली गांव स्थित सरना स्थल पर बैगा विश्राम उरांव, पुजार बुधराम उरांव ने मां सरना की पूजा की गयी. इसके बाद समाज के लोगों के बीच सरना फूल व प्रसाद का वितरण किया गया. इधर, प्रखंड स्तरीय सरहुल पूजा समिति की अगुवाई में शोभायात्रा का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक सह झारखंड सरकार के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, पूर्व सांसद समीर उरांव, सिल्ली एसडीपीओ अनुज उरांव, भिखारी भगत, महेंद्र भगत, शिवराम कश्यप, अनिल भगत समेत विभिन्न प्रखंडों से सैकड़ों की संख्या में खोड़हा दल शोभायात्रा में शामिल हुए, जहां सरना स्थल से लगभग डेढ़ किमी लंबी शोभायात्रा में शामिल लोगों का उत्साह चरम पर था. हर पांव सड़कों पर थिरकते नजर आ रहे थे. हर हाथ मांदर व नगाड़ा को मधुर धुन देने में व्यस्त था. लोग एक-दूसरे का हाथ पकड़ नाचते हुए बिरसा बाग पहुंचे, जहां मंचीय कार्यक्रम के बाद बेहतर प्रदर्शन करने वाले खोड़हा दलों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया. मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि अखाड़ा संस्कृति से जुड़ कर हम स्वस्थ रह सकते हैं. सरहुल पर्व हमें आपसी-भाईचारगी का संदेश देता है. सरहुल पर्व में पहान-पुजार गांव की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. जिस तरह पेड़-पौधे अपने पुराने पत्ते को छोड़ नये पत्ते और हरियाली देते हैं. ठीक उसी प्रकार सरहुल पर्व भी हमें गांव में सुख-शांति देने का काम करता है. सरहुल महोत्सव हमारी पौराणिक संस्कृति है. जरूरत है हमें इसे संजोने की. उन्होंने कहा 1500 करोड़ का ढोल-नगाड़ा खरीदा जा रहा है, जो तमाम गांवों में बांटा जायेगा, ताकि हमलोगों की संस्कृति बची रहे. कहा कि एक भवन बनाया जायेगा, जहां रह कर हमारे क्षेत्र के विद्यार्थी आइएएस, आइपीएस की तैयारी कर सकेंगे. निवेदन करते हुए उन्होंने समाज को लोगों को नशापान से दूर रहने की बात कही. समीर उरांव ने कहा कि हमारे पूर्वज वैज्ञानिक मौसम का पता लगा लेते थे. प्रकृति का अनुपालन करने वाला समाज हमारा आदिवासी समाज है. हमारा आदिवासी समाज स्वाभिमानी है. कभी भी हारने वाला नहीं. मौके पर शिवराम कच्छप, भिखारी भगत, महेंद्र भगत, आलोक बागे, जतरू उरांव, संजू उरांव, बालेश्वर उरांव, बिरसाय उरांव, बसनु उरांव, पवन उरांव, अध्यक्ष करमचंद उरांव, सचिव प्रकाश उरांव, कमलेश उरांव, नेल्सन उरांव, चंद्रेश उरांव, मानित उरांव, नीरज उरांव, चरण उरांव, बिपुल उरांव, इंद्रजीत उरांव, विजय कुमार उरांव, सोमा उरांव आदि उपस्थित थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
