भरनो. पारस जलाशय से निकली नहर जो दो वर्षों से जर्जर अवस्था में है, जिसका मरम्मत कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा कराया जा रहा है. इस मरम्मत कार्य में घटिया सामग्री व कम मजदूरी देने को लेकर भरनो के दर्जनों किसान गोलबंद होकर पूर्व मुखिया मुकेश उरांव की अगुवाई में कार्य स्थल पर पहुंच कर कार्य की गुणवत्ता की जांच की. किसानों ने बताया कि सीमेंट घटिया, बालू घटिया और कार्य करने तरीका भी घटिया है. बताया कि मजदूरों का प्रतिदिन मजदूरी का सरकारी दर 442 रुपये है. लेकिन नहर में काम कर रहे मजदूरों को 300 रुपये मजदूरी भुगतान दिया जा रहा. इस पर किसानों ने नाराजगी जाहिर करते हुए संवेदक से बात करने का प्रयास किया. मुंशी ने संवेदक से मोबाइल पर संपर्क किया, तो संवेदक द्वारा एफआइआर करने की बात कही गयी, जिससे किसान भड़क गये. किसानों ने संवेदक को मौके पर बुलाने की मांग की. इसके बाद संवेदक पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे, जहां संवेदक व किसानों के बीच नोकझोंक भी हुई. इसके बाद संवेदक द्वारा सीमेंट व बालू बदलने की बात कही. किसानों ने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जायेगा.
मिलन समारोह सह सम्म्मेलन पर हुई चर्चा
बसिया. झारखंड चीक बड़ाइक उत्थान समिति प्रखंड बसिया की बैठक शुक्रवार को कोनबीर लैंपस भवन के समीप गोपाल बड़ाइक की अध्यक्षत में हुई. बैठक में 29 मार्च को आयोजित मिलन समारोह सह सम्मेलन और प्रखंड समिति अध्यक्ष के चुनाव पर चर्चा की गयी. बैठक में शशिकांत बड़ाइक, राम बड़ाइक, समरू बड़ाइक, गोविंदा बड़ाइक, राजेंद्र चीक बड़ाइक, अमृता बड़ाइक, बिरसमुनी बड़ाइक, झरना देवी, ललिता देवी, फिलसीता देवी, किस्कुइर देवी, करमचंद्र बड़ाइक, लालू बड़ाइक, नारायण बड़ाइक, विजय बड़ाइक, पूरन बड़ाइक, आनंद बड़ाइक, तीज मोहन बड़ाइक, पीसी बड़ाइक, शंकर बड़ाइक आदि उपस्थित थे.
