राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सदर अस्पताल में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित गुमला. राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सदर अस्पताल के सभागार में मंगलवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ. इसमें जिला अंतर्गत 11 प्रखंडों से चार-चार सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) व एक-एक एसटीएस (सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर) ने भाग लिया. कार्यक्रम का शुभारंभ सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर अनुपम किशोर व तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी डॉक्टर केके मिश्रा ने किया. मौके पर डॉ अनुपम किशोर ने कहा कि तंबाकू का सेवन शरीर के लिए धीमा जहर है. तंबाकू कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक व फेफड़ों की बीमारियों का कारण बनता है. उन्होंने कहा कि यदि हम आज जागरूक नहीं हुए, तो हमारी आने वाली पीढ़ी गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझेगी. इसलिए हर व्यक्ति को इस मुहिम से जुड़ना चाहिए. डॉ केके मिश्रा ने कहा कि तंबाकू महामारी की तरह फैल चुका है, जिसे समाप्त करने के लिए केवल स्वास्थ्य विभाग नहीं, बल्कि समाज के हर तबके की जिम्मेदारी बनती है. उन्होंने कहा की तंबाकू मुक्त समाज तभी संभव है, जब हर व्यक्ति स्वयं इसके खिलाफ खड़ा हो और दूसरों को भी इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करे. प्रशिक्षण में मुख्य प्रशिक्षक वंदना व सुमन पर्सनालिटी ने प्रतिभागियों को तंबाकू सेवन से होने वाली बीमारियों, उनके सामाजिक व आर्थिक प्रभाव तथा सरकार द्वारा बनाये गये कोटपा एक्ट 2003 (सिगरेट एंड अदर टोबैको प्रोडक्ट्स एक्ट) के नियमों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी. बताया कि शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के अंदर तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंधित है. ऐसा करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है. प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से यह शपथ ली कि वे स्वयं तंबाकू व धूम्रपान से दूर रहेंगे तथा अपने परिवार व समाज को भी इसके सेवन से रोकने का हरसंभव प्रयास करेंगे. कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, प्रशिक्षक व प्रतिभागी मौजूद थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
