Gumla: बाइपास सड़क पर स्ट्रीट लाइट की कमी से अंधेरा, रात में आवागमन में परेशानी - हादसे और अपराध का डर

गुमला बाइपास पर रात में रोशनी की कमी से राहगीरों को परेशानी हो रही है। अंधेरे के कारण दुर्घटना और अपराध का डर बना हुआ है।

गुमला. शहर की बाइपास सड़क पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से रात में राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है. उर्मी चौक के पास केवल हाइमास्ट लाइट लगी हुई है, जबकि बाइपास के अधिकांश हिस्से में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है.

अंधेरे के कारण दुर्घटना की आशंका

शाम होते ही बाइपास सड़क का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब जाता है. इससे पैदल चलने वाले लोगों और बाइक सवारों को सड़क पर आवागमन करने में परेशानी होती है. अंधेरे के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है. खासकर सड़क के सुनसान हिस्सों में लोगों को सुरक्षा को लेकर चिंता रहती है.

सुनसान हिस्सों में आपराधिक घटनाओं का डर

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाइपास सड़क पर रात में वाहनों की आवाजाही रहती है, लेकिन पर्याप्त रोशनी नहीं होने से सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है. वहीं, सुनसान हिस्सों में आपराधिक घटनाओं का डर भी लोगों को सताता है.

नियमित अंतराल पर स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग

स्थानीय लोगों ने एनएच विभाग और संबंधित विभाग से बाइपास के विभिन्न स्थानों पर नियमित अंतराल पर स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था होने से रात में आवागमन आसान होगा और सड़क की सुरक्षा भी बेहतर होगी.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >