सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक खरीदारों से पटी रही शहर की दुकानें गुमला. गुमला जिले के 12 प्रखंडों के बाजारों में धनतेरस पर खूब धन बरसा. जिले में 50 करोड़ रुपये से अधिक का व्यवसाय का अनुमान लगाया जा रहा है. सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक शहर की दुकानें खरीदारों से पटी रही. लोग अपने मनपसंद के अनुसार समान खरीदे. चेंबर ऑफ काॅमर्स के अध्यक्ष राजेश सिंह व सचिव बबलू वर्मा ने बताया कि धनतेरस में सिर्फ गुमला शहर में करीब 40 करोड़ रुपये का व्यवसाय हुआ है. वहीं जिले के अन्य प्रखंडों में 10 करोड़ रुपये का व्यवसाय हुआ है. इस बार सबसे अधिक घर में उपयोग की जाने वाली सामग्रियों की खरीदी है. मोटर साइकिल की भी खरीदारी लोगों ने की है. बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष बाइक व मोबाइल की मांग अधिक देखी गयी. कनक ज्वेलर्स में आभूषण की अच्छी बिक्री हुई है. अंकित बजाज शोरूम में धनतेरस पर बाइक खरीदने वालों की भीड़ देखी गयी. जिले के सभी 12 प्रखंडों में करीब 500 मोटरसाइकिल विभिन्न कंपनियों की बिकी है. आभूषण की भी खूब बिक्री हुई है. मां लक्ष्मी के चांदी के सिक्के की डिमांड सबसे अधिक रही. इधर शाम पांच बजे के बाद धनतेरस बाजार को लेकर गुमला शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गयी थी. चेंबर के पूर्व अध्यक्ष हिमांशु केसरी ने कहा कि इस वर्ष धनतेरस व दीपावली पर गुमला जिले में 50 से 60 करोड़ रुपये का व्यवसाय होने की संभावना है. चाहे वह सोने चांदी, बर्तन, किराना, बाइक शोरूम, कार शोरूम, ट्रैक्टर्स शोरूम सहित पूजन व घर सजाने की सामग्रियों की हो. इस वर्ष ऑनलाइन मार्केटिंग से व्यापारियों को काफी राहत मिली है. ग्राहक ऑनलाइन से दूर होकर शहर के प्रतिष्ठानों से खरीदारी कर रहे हैं, जिससे व्यवसाय इस वर्ष अच्छा हुआ है. उन्होंने बताया कि ग्राहक शहर के दुकानों से अच्छा व टिकाऊ समान लेकर जाते हैं. अगर किसी प्रकार की शिकायत होने पर अविलंब दुकान को सूचित कर अपनी खराबी को दूर करा सकते हैं.
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