Bipin Rawat Death News: झारखंड से जुड़ी हैं CDS रावत की यादें, गुमला के जारी ब्लॉक को दिया था वीरभूमि का दर्जा

jharkhand news: जनरल बिपिन रावत की झारखंड के गुमला जिला से यादें जुड़ी हैं. जनरल ने जारी ब्लॉक को वीरभूमि का दर्जा दिये थे. जनरल बिपिन रावत अपनी पत्नी मधुलिका के साथ 4 जनवरी, 2019 को गुमला के चैनपुर प्रखंड आये थे.

Bipin Rawat Death News, Jharkhand news: CDS बिपिन रावत की यादें झारखंड से भी जुड़ी हैं. पत्नी मधुलिका रावत के साथ 4 जनवरी, 2019 को गुमला जिला के चैनपुर प्रखंड आये थे. उस समय उन्होंने वर्ष 1971 के युद्ध के हीरो परमवीर चक्र विजेता शहीद अलबर्ट एक्का की पैतृक प्रखंड जारी को वीर भूमि का दर्जा दिये थे. बुधवार को अचानक के कुन्नूर में हुए हेलिकॉप्टर हादसे के बाद गुमला के लोग जनरल बिपिन रावत व उनकी पत्नी मधुलिका रावत को याद कर रहे हैं.

4 जनवरी, 2019 को गुमला के चैनपुर प्रखंड आये CDS बिपिन रावत ने कहा था कि आओ झुककर उन्हें सलाम करें. जिनके हिस्से में ये मुकाम आया है. खुशनसीब होते हैं, वे सैनिक, जिनका खून देश के काम आता है. जनरल रावत ने गुमला के चैनपुर आगमन के बाद वापस जाते-जाते कहा था कि मैं अपना दिल छोड़कर जा रहा हूं और झारखंड वासियों की यादें लेते जा रहा हूं.

चैनपुर में उन्होंने शहीद अलबर्ट एक्का की पत्नी बलमदीना एक्का (अब स्वर्गीय) को 51 हजार रुपये का चेक सहित 26 वीर नारियों व भूतपूर्व सैनिकों को 10-10 हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किये थे. जनरल रावत व उनकी पत्नी ने सभी वीर नारियों व भूतपूर्व सैनिकों के साथ एक पंक्ति में बैठकर फोटो खींचवाये थे. गुमला के कई पत्रकारों से भी फोटो खिंचवाते हुए उन्होंने कहा था कि झारखंड को सुंदर राज्य बनाने के लिए सभी पत्रकार अच्छी-अच्छी बातों को लिखें.

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वर्ष 2019 के चार जनवरी को चैनपुर प्रखंड के बारवे हाई स्कूल मैदान में भारतीय सेना द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया गया था. जिसमें झारखंड राज्य के सभी जिलों के भूतपूर्व सैनिक, वीर नारी, विभिन्न युद्धों में शहीद हुए जवानों के परिजन पहुंचे थे. जिनके जनरल रावत व उनकी पत्नी मिले थे. यहां तक कि पूरे कार्यक्रम में जनरल रावत के चेहरे में मुस्कान देख लोग उत्साहित भी हुए थे. मंच से उतरकर जनरल रावत व उनकी पत्नी सभी लोगों से मिले थे. हर एक भूतपूर्व सैनिक का हालचाल पूछे थे.

इस दौरान उन्होंने चैनपुर, जारी और डुमरी प्रखंड के अलावा दूसरे जिले से आये भूतपूर्व सैनिक व वीर नारियों से अपने बच्चों को सेना में भेजने की अपील किये थे. उन्होंने कहा था कि गुमला जिला की भूमि सैनिकों से भरी पड़ी है. इसलिए यहां के युवक जितना अधिक हो. सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करें.

चैनपुर में जनरल रावत ने कहा था

चैनपुर में जनरल रावत ने 4 जनवरी, 2019 को कहा था कि इस धरती ने वीर सपूत को जन्म दिया. जिसने पूरे भारत वर्ष में नाम कमाया. लांस नायक के कारण गुमला के चैनपुर और जारी का भी नाम हो रहा है. आज इस भूमि को वीर भूमि का दर्जा दिया जाता है. इस वीर भूमि पर पूरे देश को गौरव है. मैं यकीन दिलाता हूं. इस क्षेत्र के जितने भी जवान हैं. वो बहादुरी से ड्यूटी करें. दृढ़ निश्चय से काम करे. सफलता प्राप्त होगी.

जवान जो अपने जीवन का अधिकतम समय भारतीय सेना में देते हैं. वे भारतीय सेना का नाम बढ़ा रहे हैं. मुझे गर्व है. आप अपने क्षेत्र में उदाहरण बनेंगे. सेना में कार्यरत जवानों का अनुशासन, हौसला व कार्रवाई देखकर हर क्षेत्र के युवा प्रोत्साहित हो. इस क्षेत्र के जवान ज्यादा से ज्यादा संख्या में भातीय सेना में दाखिल हो. बहादुरी दिखाने का अच्छा अवसर है.

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4 जनवरी, 2019 के कार्यक्रम में जनरल रावत ने शहीद अलबर्ट एक्का की पत्नी बलमदीना एक्का सहित 26 वीर नारियों व भूतपूर्व सैनिकों को सम्मानित किये थे. बलमदीना एक्का को 51 हजार रुपये, वहीं बेरनादेत किड़ो, सिलमंती कुजूर, सुभाषी बागे, सिलवंती तिड़ू, उर्मिला केरकेट्टा, संकलिया देवी, मंजू देवी, फूलमुनी बेसरा, सुचिता तिर्की, इमिलयानी एक्का, सेलेन तिर्की, विनिता देवी, बेरनादेथ होरो, पुष्पम देवी, गौरेती कुजूर, अनंतिसया होरो, वीणा तिग्गा, मेरी खलखो, पुनिया तिर्की, संध्या देवी, फगुवा उरांव, कोमल कुजूर, दिलीप कुमार मिंज, किशोर मल्लाह, ललन राय को 10-10 हजार रुपये का चेक दिया गया था.

एक माह तक मिनी कश्मीर बना हुआ था चैनपुर

4 जनवरी, 2019 को जनरल बिपिन रावत का गुमला के चैनपुर में कार्यक्रम था. लेकिन, दिसंबर माह से ही चैनपुर प्रखंड का नजारा मिनी कश्मीर की तरह हो गया था. पूरा इलाका सैन्य छावनी में तबदील हो गया था. जगह-जगह पर सेना के जवान व अधिकारी नजर आ रहे थे. उस समय चैनपुर के लोगों गर्व से फूले नहीं समा रहे थे. क्योंकि चैनपुरवासियों के साथ सेना के अधिकारी व जवान भी घुल-मिल गये थे. जनरल बिपिन रावत के दौरा खत्म होने के बाद सेना के जवान चैनपुर से वापस अपने बटालियन लौटे थे.

रिपोर्ट : दुर्जय पासवान, गुमला.

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