बैसाखी पर्व सिख धर्म के लिए महत्वपूर्ण : सचिव

श्री गुरु सिंह सभा में खालसा सृजना दिवस सह बैसाखी पर्व मनाया गया

By Prabhat Khabar News Desk | April 13, 2025 9:30 PM

गुमला. गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा पालकोट रोड गुमला में रविवार को खालसा सृजना दिवस सह बैसाखी पर्व मनाया गया. मौके पर तीन दिनों का अखंड पाठ रविवार को संपन्न हुआ. इसके बाद गुरु के शब्द गाये गये. इस अवसर पर गुरुद्वारा में वाहो वाहो गोविंद सिंह आपे गुरु चेला और सतनाम श्री वाहेगुरु के शब्दों से भक्तिमय माहौल बना हुआ था. शब्द कीर्तन के बाद अरदास हुआ. इसके बाद गुरु के लंगर लगाये गये. सचिव सरदार रंजीत सिंह ने कहा है कि बैसाखी पर्व सिख धर्म के लिए महत्वपूर्ण है. बैसाखी के दिन ही सिखों के 10वें गुरु गोविंद सिंह जी ने 13 अप्रैल 1699 को खालसा पंथ की स्थापना की थी. धर्म की रक्षा करने व समाज की भलाई करने के लिए खालसा पंथ की स्थापना की गयी थी. बैसाखी पर्व सिख धर्म के नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है. सिख समुदाय की एकता, वीरता व सेवा भाव का प्रतीक बना कर एक नये अध्याय की शुरुआत की थी. साथ ही बैसाखी एक फसल उत्सव भी है. यह किसानों के लिए नयी फसल की कटाई व समृद्धि का प्रतीक है. विशेष रूप से पंजाब व हरियाणा में किसान अपनी मेहनत का फल प्राप्त कर खुशियां मनाते हैं और ईश्वर को धन्यवाद देते हैं. मौके पर गुरुद्वारा अध्यक्ष सरदार महेंद्र सिंह, सचिव सरदार रंजीत सिंह, महेंद्र सिंह मिशन, कमलेश कौर, रविंद्र कौर, जसवंत कौर, गुरु गोविंद सिंह फाउंडेशन गुमला के अध्यक्ष जसबीर सिंह प्रिंस, गगनदीप सिंह रज्जी, सरदार गुरविंदर सिंह, सरदार मनोहर सिंह, सरदार दिलदार सिंह, प्रीतपाल सिंह, प्रीतम सिंह, रौनक सिंह, गुरविंदर सिंह, अमरजीत सिंह, गुरमीत सिंह, हरजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, होशियार सिंह, गुरमीत सिंह, छोटू सिंह, काले सिंह, राजेंद्र कौर, इंदु कौर, कंवलजीत कौर, कमलजीत कौर आदि मौजूद थे.

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