भरनो. प्रखंड क्षेत्र के मुस्लिम धर्मावलंबियों ने शब-ए-बारात का पर्व पूरी अकीदत के साथ हर्षोल्लास से मनाया. पर्व को लेकर सप्ताह भर पहले से ही प्रखंड की मस्जिदों की साफ-सफाई की गयी और शब-ए-बारात के दिन उन्हें आकर्षक ढंग से सजाया गया. शब-ए-बारात के अवसर पर नमाज-ए-असर के बाद घरों में उम्मुल मोमिनीन हजरत उबैस करनी रजियल्लाहु अन्हा के नाम पर फातेहाखानी करायी गयी. वहीं, नमाज-ए-ईशा के बाद मस्जिदों में मगफिरत, बरकत और रिज्क के लिए रात भर इबादत की गयी. महिलाओं ने भी अपने-अपने घरों में पूरी रात इबादत में समय बिताया. इबादत का यह सिलसिला बुधवार को फज्र की नमाज तक जारी रहा. फज्र की नमाज के बाद लोगों ने अपने-अपने नजदीकी कब्रिस्तानों में जाकर मरहूमीन के लिए दुआ-ए-मगफिरत की. इस अवसर पर भरनो जामा मस्जिद के इमाम मौलाना हुसैन बांदवी ने बताया कि शब-ए-बारात का अर्थ गुनाहों से निजात पाने की रात है. उन्होंने कहा कि इस रात लोग पूरी शिद्दत के साथ इबादत कर अपने गुनाहों की माफी और अपनी हाजतों के लिए दुआ करते हैं. यह दुआओं की कुबूलियत की रात मानी जाती है. उन्होंने यह भी बताया कि इसी रात अल्लाह की बारगाह में पूरी मखलूक के लिए साल भर का तकदीरी हिसाब (बजट) तय किया जाता है. मौके पर अंजुमन के नायब सदर नूर एहसान, सेक्रेटरी मिन्हाज अख्तर, टीपू सुल्तान, मोहम्मद खलील सुल्तान, मुस्ताक आलम, उस्मान गनी, राजा, फैज, सोनू गनी, नूर इस्लाम सहित आदि मौजूद थे.
शब-ए-बरात की रात गुनाहों से छुटकारे की रात : मौलाना
प्रखंड में अकीदत के साथ मनाया गया शब-ए-बरात
