गुमला. उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में बोर्ड परीक्षा की तैयारी, सिलेबस पूर्णता, विद्यार्थियों की उपस्थिति समेत विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गयी. उपायुक्त ने झारखंड शिक्षा परियोजना गुमला की सभी महिला पदाधिकारियों यथा एडीपीओ, एपीओ, एओ समेत अन्य कर्मियों की कार्यशैली पर असंतोष जताते हुए फटकार लगायी और सभी के वेतन अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिया. उपायुक्त ने कहा कि सभी कर्मचारी नियमित रूप से कार्यालय में समय पर उपस्थिति दर्ज करें और अपने कार्यों के प्रति गंभीरता बरतें. डीइओ व डीएसइ ने कर्मियों की आवश्यक कार्यों में लापरवाही के आरोप में गंभीर चेतावनी दी गयी कि सभी लोग या तो सुधार जायें या उन्हें प्रशासन की तरफ से सुधार जायेगा. वहीं पूर्व में बसिया, सिसई, गुमला व पालकोट के कर्मियों का वेतन रोका गया था. उपायुक्त ने उनके स्थगित वेतन पर से रोक हटाने व वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही. उपायुक्त ने सभी विद्यालयों में सिलेबस को समय व गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि प्रतिमाह रेल टेस्ट का आयोजन किया जाये और उसके मूल्यांकन के बाद बच्चों को कॉपी वापस दी जाये, ताकि वे अपनी त्रुटियों को सुधार सकें. बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर उपायुक्त ने संतोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि जिले के सभी प्रखंडों का प्रदर्शन लगभग ठीक रहा है. जिले के सरकारी व अल्पसंख्यक विद्यालयों में कक्षा 10 के 10957 तथा कक्षा 12 के 5539 विद्यार्थियों की औसत उपस्थिति 78 प्रतिशत दर्ज की गयी है. उपायुक्त ने उपस्थिति 85 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए कार्य करने के निर्देश दिया. राज्य स्तरीय रैंकिंग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने आवश्यक सुधार के लिए डायस के आंकड़ों के अंतर्गत नामांकन, अपार आइडी, मेंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट समेत जिले के शून्य नामांकन व बंद विद्यालय की स्थिति में सुधार करने का निर्देश दिया.
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