कम उम्र में कमाल! गुमला की बाल लेखिका आरोही को अमेरिका की यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट, राज्यपाल ने किया सम्मानित

कला और संस्कृति में उत्कृष्ट योगदान के लिए गुमला की बाल लेखिका आरोही खंडेलवाल को अमेरिका की यूनिवर्सिटी ने मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया। राज्यपाल ने दी बधाई।

गुमला: गुमला की बाल लेखिका एवं कला-संस्कृति के क्षेत्र में पहचान बना रही आरोही खंडेलवाल को अमेरिका की यूनिवर्सिटी यूएसए द्वारा कला एवं संस्कृति श्रेणी में मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गयी है. इस उपलब्धि के लिए आरोही को झारखंड के राज्यपाल ने विशेष रूप से सम्मानित किया.

राज्यपाल ने प्रमाण-पत्र और मेडल सौंपा

राज्यपाल ने आरोही को मानद डॉक्टरेट का प्रमाण-पत्र और मेडल अपने हाथों से प्रदान किया. इस अवसर पर उन्होंने आरोही की प्रतिभा, उपलब्धियों और कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में योगदान की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं.

कम उम्र में लेखन, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने वाली आरोही की इस उपलब्धि को झारखंड के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है. अमेरिका की यूनिवर्सिटी से कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में मानद डॉक्टरेट प्राप्त करना और इसके बाद राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाना उसकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है.

माता-पिता ने जताया आभार

आरोही के माता-पिता ने सम्मान के लिए यूनिवर्सिटी और राज्यपाल के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह सम्मान आरोही को कला, संस्कृति एवं साहित्य के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा.


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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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