गुमला में सेना के जवान से 21.37 लाख रुपये की ठगी, एसपी-डीसी से लगाई इंसाफ की गुहार

गुमला में जमीन सौदे के नाम पर सेना के दो जवानों से 21.37 लाख रुपये की ठगी हुई है। पीड़ित परिवारों ने एसपी और डीसी से न्याय की गुहार लगाई है।

गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट

झारखंड के गुमला में सेना के जवान से 21.37 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. जमीन सौदे के नाम पर ठगी की गयी. उन्होंने एसपी और डीसी से न्याय की गुहार लगायी है. समझौते के बाद भी पूरी राशि नहीं मिलने पर सैनिक परिवार ने कार्रवाई की मांग की. इस संबंध में मंगलवार को सेना का जवान अपनी पत्नी के साथ न्याय की गुहार लगाने के लिये उपायुक्त दिलेश्वर महतो और पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमां के कार्यालय का दरवाजा खटखटाया.

सेना के जवानों की पत्नियों ने की कार्रवाई की मांग

जवान मुकेश उरांव की पत्नी सुमित्रा कुमारी और आईटीबीपी में तैनात जवान तेलंगा उरांव की पत्नी सरोज सपना कुमारी ने अधिकारियों को आवेदन सौंपकर जमीन की खरीद-बिक्री के नाम पर हुई ठगी में शेष राशि दिलाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की. दोनों महिलाओं ने बताया कि उनके पति देश की सेवा में तैनात हैं. इसलिए बार-बार छुट्टी लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं हो पाता.

क्या है पूरा मामला

अधिकारियों को दिए गए आवेदन के अनुसार, करौंदा गांव निवासी सीआरपीएफ जवान मुकेश उरांव और आइटीबीपी जवान तेलंगा उरांव के नाम पर पुग्गू मौजा की जमीन के सौदे में कथित रूप से 21 लाख 37 हजार 500 रुपये की ठगी की गयी है. शिकायत के बाद गुमला थाना में कांड संख्या 385/25, दिनांक 27 नवंबर 2025, बीएनएस की धारा 316(2), 318(4) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज हुआ है. थाना में समझौते के दौरान ख्रिस्तीना खलखो, अर्जुन सिंह, आशीष रंजन और कृष्णा उरांव द्वारा लगभग 5.86 लाख रुपये लौटाया गया. लेकिन शेष राशि अब तक नहीं मिली. आवेदन में ख्रिस्तीना खलखो, अर्जुन सिंह, बुद्धेश्वर उरांव, अशोक लकड़ा, कृष्णा उरांव और राजेश कुजूर सहित अन्य पर कार्रवाई की मांग की गयी है.

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मानसिक तनाव में परिवार

सुमित्रा कुमारी और सरोज सपना कुमारी ने आवेदन में कहा है कि कथित ठगी के कारण उनका परिवार गंभीर आर्थिक संकट और मानसिक तनाव से गुजर रहा है. उन्होंने बताया कि कई बार थाना में आवेदन देने और समझौता होने के बावजूद शेष राशि वापस नहीं मिली. दोनों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से हस्तक्षेप कर मेहनत की कमायी वापस दिलाने तथा मामले में शामिल सभी आरोपितों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है.

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By Durjay paswan

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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