गुमला: गुमला के लक्ष्मण नगर निवासी सेवानिवृत्त बीएसएफ जवान कृष्णा भगत ने करमडीपा निवासी एक दंपती पर निवेश के नाम पर करीब 80 लोगों से लगभग 28 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है. इस संबंध में उन्होंने गुमला थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने और रकम वापस दिलाने की मांग की है. आवेदन की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक गुमला को भी दी गई है.
आवेदन के अनुसार, कृष्णा भगत वर्ष 2011 में बीएसएफ से सिपाही के पद से सेवानिवृत्त हुए थे. उन्होंने आरोप लगाया है कि वर्ष 2013 में पुग्गु करमडीपा निवासी दुर्गा उरांव उनके पास आया और अपने तथा अपनी पत्नी सुशीला के बारे में जानकारी देते हुए निवेश के माध्यम से रकम दोगुनी करने का भरोसा दिलाया. कृष्णा भगत का कहना है कि दंपती द्वारा विभिन्न कागजात और रसीद दिखाए जाने के बाद उन्हें विश्वास हो गया. इसके बाद उन्होंने वर्ष 2013 और 2014 में कुल 3.75 लाख रुपये जमा किए. इसके बदले उन्हें रसीद और एक्नॉलेजमेंट स्लिप दी गई.
आरोप है कि बाद में दुर्गा उरांव ने उनकी जमा राशि में से तीन लाख रुपये विकास म्युचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड, रांची में जमा करने की बात कही और इसके बदले कई रसीदें उपलब्ध कराईं. कथित तौर पर इन रसीदों में पांच वर्ष बाद परिपक्वता राशि के रूप में 5,52,600 रुपये मिलने की बात दर्ज थी. कृष्णा भगत के अनुसार, बाकी राशि में से एक लाख रुपये नकद वापस कर दिया गया, जबकि शेष तीन लाख रुपये कंपनी में जमा होने की बात कही गई.
करीब 80 लोगों से रकम जमा कराने का दावा
कृष्णा भगत ने आवेदन में आरोप लगाया है कि दुर्गा उरांव के कहने पर उन्होंने करीब 80 अन्य लोगों से भी रकम जमा कराई. इसकी कुल राशि लगभग 17 लाख रुपये बताई गई है. अन्य जमाकर्ताओं को भी रसीदें दी गई थीं, जिसकी सूची उन्होंने पुलिस को उपलब्ध कराई है. आवेदन के अनुसार, जब उन्होंने स्वयं और अन्य लोगों की परिपक्वता राशि वापस करने की मांग की तो दुर्गा उरांव कथित तौर पर लगातार आज-कल और अगले महीने का आश्वासन देकर टालता रहा.
झूठे दस्तावेज के इस्तेमाल का आरोप
कृष्णा भगत ने पुलिस से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि दुर्गा उरांव और उसकी पत्नी सुशीला ने कथित तौर पर झूठे दस्तावेज और कागजात के माध्यम से उन्हें तथा अन्य लोगों को विश्वास में लेकर ठगी की और करीब 28 लाख रुपये हड़प लिए. उन्होंने पुलिस से दोनों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने, पीड़ितों की रकम वापस दिलाने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है.
