गुमला: पालकोट थाना कांड संख्या 64/2014 से जुड़े 12 वर्ष पुराने आर्म्स एक्ट मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-तीन की अदालत ने शनिवार को फैसला सुनाया. अदालत ने आरोपी अशोक कुमार सिंह उर्फ छोटू को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी, जबकि सह आरोपी बजरंग गोप को साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया.
मामले में तीन फरवरी 2015 को प्राथमिकी दर्ज की गयी थी और पहली सुनवाई 23 अप्रैल 2015 को हुई थी. करीब 12 वर्षों तक चली सुनवाई के बाद एक अगस्त 2026 को अदालत ने अपना निर्णय सुनाया.
अदालत ने अशोक कुमार सिंह उर्फ छोटू को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)(ए) और धारा 26(1) के तहत दोषी पाया. दोनों धाराओं में उसे एक-एक वर्ष के कारावास और 500-500 रुपये जुर्माने की सजा सुनायी गयी. अदालत ने आदेश दिया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी. साथ ही विचाराधीन कैदी के रूप में जेल में बितायी गयी अवधि को सजा में समायोजित करने का निर्देश दिया गया. दोषी ने जुर्माने की राशि जमा कर दी है.
वहीं, सह आरोपी बजरंग गोप के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने उसे संदेह का लाभ देते हुए आरोपों से मुक्त कर दिया. मामले की सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक (एपीपी) सुधीर टोप्पो ने पक्ष रखा.
