गुमला. जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों व जनस्वास्थ्य से जुड़े नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापेमारी अभियान चलाया. अभियान खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी के नेतृत्व में चलाया गया. अभियान के दौरान गुमला के विभिन्न बाजार क्षेत्रों, विशेषकर पालकोट रोड व कार्तिक उरांव कॉलेज के आसपास संचालित होटल, किराना स्टोर, ठेला-खोमचा, थोक व खुदरा दुकानों की गहन जांच की गयी. निरीक्षण के क्रम में सुशीला पान शॉप, हैप्पी मार्ट, प्रधान बिरयानी, कृष्णा जनरल स्टोर, मां संतोषी भंडार, अक्षित फास्ट फूड, बालचंद यादव की दुकान, दिलीप किराना स्टोर, चाय पानी, फ्रेंड्स एंड फैमिली कैफे सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया. जांच के दौरान दुकानदारों को अखाद्य रंगों का उपयोग नहीं करने, खाद्य सामग्री तैयार करते समय एप्रन, ग्लब्स एवं हेडगेयर पहनने, तथा डुप्लीकेट सॉस एवं अवैध खाद्य सामग्री का प्रयोग नहीं करने के सख्त निर्देश दिये गये. जिन दुकानदारों के पास खाद्य लाइसेंस उपलब्ध नहीं था. उन्हें निर्देशित किया गया कि वे एक सप्ताह के अंदर लाइसेंस बनवा लें, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. निरीक्षण के क्रम में यह भी पाया गया कि कुछ दुकानदारों द्वारा चाट में अखाद्य रंगों का प्रयोग कर खाद्य पदार्थ बेचा जा रहा था. इस पर टीम द्वारा मौके पर ही जांच की गयी. उक्त खाद्य सामग्री को तत्काल नष्ट कराया गया और संबंधित दुकानदारों को चेतावनी दी गयी. साथ ही कई तंबाकू व संबंधित उत्पादों की दुकानों पर 21 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री निषिद्ध है. संबंधी अनिवार्य चेतावनी बोर्ड प्रदर्शित नहीं पाया गया, जो कोटपा अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है. इस पर संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूला गया. स्कूल व शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित होने के संबंध में दुकानदारों को विशेष रूप से अवगत कराया गया और इसका सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया.
छापेमारी अभियान चला कई प्रतिष्ठानों की जांच की गयी
छापेमारी अभियान चला कई प्रतिष्ठानों की जांच की गयी
