गुमला : सात अप्रैल से राज्य की रघुवर सरकार की उलटी गिनती शुरू होगी़ आदिवासी सेंगेल अभियान के बैनर तले सात अप्रैल को रांची के हटिया विधानसभा क्षेत्र में विशाल रैली का आयोजन किया गया है़
रैली में एक लाख से भी अधिक लोग शामिल होंगे और सीएनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन तथा सरकार द्वारा बनायी गयी स्थानीय नीति का विरोध करते हुए समाधान की मांग करेंगे. ये बातें आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व सांसद सालखन मुरमू ने गुमला में प्रेस वार्ता में कही़ उन्होंने कहा कि सात अप्रैल से सात मई तक रघुवर सरकार को सीएनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन, स्थानीय नीति और झारखंड मोमेंटम में पूंजीपतियों व उद्योगपतियों से किये गये एमओयू को रद्द करने का समय देंगे.
इसके बाद भी यदि सरकार हमारी मांगों को पूरा नहीं करती है, तो 17 मई को रांची के मोरहाबादी मैदान में विशाल रैली करेंगे, जो सात अप्रैल की रैली से भी बड़ी होगी. इसमें सरकार को अंतिम फैसला लेने के विवश करेंगे, नहीं तो 30 जून तक हर हाल में सरकार गिरा देंगे. राज्य के 28 आदिवासी विधायक सामूहिक रूप से इस्तीफा देकर सरकार गिरायें, चाहे हम अपने हक व अधिकार के लिए आंदोलन कर सरकार गिरायें.
समाधान की मांग को लेकर विभिन्न पार्टियां, संगठन, मंच व मोरचा अपने-अपने तरीके से आंदोलन कर रहे हैं. सभी एक मंच से जुड़ कर संयुक्त रूप से प्रयास करें. अभियान के प्रदेश संयोजक सह चंडीगढ़ के पूर्व आइजी डॉ अरुण उरांव ने कहा कि फूट डालो और राज करो नीति को अपना कर भाजपा ने केंद्र व राज्य में अपनी सरकार बनायी है़ अंग्रेजों ने भी भारत देश में इस नीति को अपना कर अपना हुकूमत चलाने की कोशिश की, लेकिन वह भी नाकाम रहा़ राज्य की जनता भाजपा सरकार की नीति को समझ चुकी है़
श्री उरांव ने राज्य के 28 आदिवासी विधायकों से अपील करते हुए कहा कि सामूहिक इस्तीफा देकर सरकार गिरा दें और नयी सरकार बनायें. नयी सरकार बनेगी, तो नये-नये राजनेता पैदा होंगे, जो राज्य और राज्यवासियों को विकास की ओर ले जायेंगे.
