विश्व वानिकी दिवस पर वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में कार्यक्रम़
गुमला : विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग गुमला के तत्वावधान में मंगलवार को विभागीय कार्यालय परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया़
कार्यक्रम में जिले भर के वन क्षेत्रों के वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, सचिव, सदस्य व ग्रामीण शामिल हुए़ मुख्य अतिथि गुमला अंचल के वन संरक्षक अशोक कुमार सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया.
उन्होंने लोगों को जंगल बचाने के लिए प्रेरित किया़ कहा कि पेड़-पौधे हमारे जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है़ं वर्तमान समय में पर्यावरण को स्वच्छ रखना पूरे विश्व के लिए एक चुनौती है़ पृथ्वी पर वृक्षों का आच्छादन भी बहुत कम है़ यही वजह है कि कई स्थानों पर समय पर वर्षा नहीं होती है़ यदि कहीं होती है, तो अनुपात से ज्यादा वर्षा होती है़
जिस कारण गांव के गांव बाढ़ में बह जाते हैं और जहां वर्षा नहीं होती है़, वहां पीने तक के लिए पानी नसीब नहीं होता है़ इन समस्याओं के समाधान के लिए एक ही उपाय है कि अधिक से अधिक संख्या में पौध लगायें और पेड़-पौधों का संरक्षण करें. गुमला वन प्रमंडल के वन संरक्षक अजीत कुमार सिंह ने कहा कि पेड़-पौधों के बिना जीवन की कल्पना करना असंभव है़ पेड़-पौधों से ही हमें स्वच्छ वायु, विभिन्न प्रकार की औषधियां, कंद मूल, फल और लकड़ियां आदि प्राप्त होते है़ं जंगल के सुरक्षित रहने से जंगली जानवर भी सुरक्षित रहेंगे. वनक्षेत्र में रहने वाले लोग भी वनोत्पाद पर ही निर्भर रहते हैं.
कार्यक्रम को वनक्षेत्र पदाधिकारी महादेव उरांव, विजय कुमार, आमोद कुमार गौतम, गुमला वनक्षेत्र के वनपाल घनश्याम चौरसिया व चैनपुर वनक्षेत्र के वनपाल गंगाराम बडाइक ने भी संबोधित किया. मौके पर वनरक्षी अंथोनी लकड़ा, बलम सिंह, तिरतु सिंह, रवींद्र सिंह, घनश्याम सिंह, लुदवा सिंह, बिहानु सिंह, बितु खड़िया, लालमोहन सिंह व विष्णु प्रसाद सिंह सहित कई लोग उपस्थित थ़े
