गुमला : एनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं करने की मांग को लेकर राज्य के 40 आदिवासी संगठनों ने राज्यपाल द्रौपदी मुरमू को ज्ञापन सौंपा है. यह जानकारी एएसए (आदिवासी सेगेंल अभियान) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व सांसद सालखन मुरमू ने मंगलवार को गुमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. श्री मुरमू ने बताया कि सीएनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव पर हाइकोर्ट में रिट याचिका दायर की गयी है, इसलिए जब तक मामले की हाइकोर्ट से सुनवाई नहीं हो जाती है, तब तक राज्यपाल से प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं करने की मांग की गयी है. उन्होंने कहा कि सीएनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव ढाई माह से राज्यपाल के पास पड़ा हुआ है, लेकिन राज्यपाल ने अब तक उस पर हस्ताक्षर नहीं किया है. वह भी संशय की स्थिति में हैं.
इससे साफ जाहिर होता है कि एक्ट में जबरन छेड़छाड़ कर बदलाव करने की कोशिश की जा रही है. जो राज्य और राज्यवासियों के हित में नहीं है. इस दौरान श्री मुरमू ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ द्वारा धर्मगुरु कार्डिनल पी टोप्पो के खिलाफ की गयी बयानबाजी की निंदा की. कहा कि लक्ष्मण गिलुआ पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं.
