डीसी व एसपी ने सुनी समस्याएं.
200 से अधिक लोगों ने आवेदन सौंपा
बिशुनपुर(गुमला) : बिशुनपुर प्रखंड के बनारी पुलिस पिकेट के समीप बुधवार को जिला प्रशासन ने जनता दरबार लगाया. इसमें डीसी श्रवण साय व एसपी चंदन कुमार झा के अलावा जिले के तमाम वरीय अधिकारी थे. जनता दरबार में 13 फोकस एरिया डेवलपमेंट प्लान के तहत बनारी पुलिस पिकेट के दो किमी के दायरे में पड़ने वाले गांवों के लोगों की समस्याएं सुनी गयी.
200 से अधिक लोगों ने आवेदन सौंप कर समस्या निदान की मांग की है. शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सामाजिक सुरक्षा, कल्याण विभाग, बैंक व मनरेगा सहित विभिन्न विभाग द्वारा स्टॉल लगाये गये थे. यहां लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गयी और उन योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन प्राप्त किया. कई लोगों की समस्याओं का ऑन द स्पॉट समाधान किया गया. अधिकारियों से स्टॉल का निरीक्षण भी किया. डीसी श्रवण साय ने कहा कि जिला प्रशासन जनता के बीच पहुंच कर विकास का काम करने जा रहा है.
बहुत जल्द बिशुनपुर प्रखंड के अंतर्गत पड़ने वाले तमाम नक्सल प्रभावित गांवों का विकास होगा. सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारा जायेगा. उन्होंने लोगों से अपील की कि आप जागरूक बनें, तभी सरकारी योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे. प्रशासन आपके साथ है. आप समस्या बतायें, हम उसे दूर करेंगे. मौके पर डीडीसी नागेंद्र कुमार सिन्हा, एसडीओ केके राजहंस, एएसपी सरोज कुमार, नैप निदेशक नयनतारा केरकेट्टा, निदेशक मुस्तकीम अंसारी, एलआरडीसी अंजना दास, मत्स्य पदाधिकारी सीमा कुजूर, पीएचइडी के इइ त्रिभुवन बैठा, सीएस डॉ जेपी सांगा, डॉ आरएन यादव, डॉ सुगेंद्र साय, बीडीओ उदय कुमार, डीइओ जयंत मिश्र, डीएसइ गनौरी मिस्त्री, सामाजिक सुरक्षा पदाधिकारी नेहा संजना खलखो, प्रमुख रामप्रसाद बड़ाइक व पंचायत सेवक परमानंद बड़ाइक सहित कई लोग थे.
बिशुनपुर नक्सल से मुक्त होगा : एसपी : एसपी चंदन कुमार झा ने कहा कि 13 फोकस एरिया डेवलपमेंट प्लान के तहत जितने भी गांव इस क्षेत्र में पड़ते हैं, उन गांवों का विकास होगा.
इसके लिए प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है. जरूरत है, जनता आगे आये, क्योंकि ये योजनाएं जनता के लिए है. जनता की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रशासन कटिबद्ध है. जनता समस्या बताये, उन समस्याओं को दूर किया जायेगा. बिशुनपुर से पूरी तरह नक्सल को खत्म करने का काम हो रहा है. काफी हद तक इस क्षेत्र से नक्सली भाग गये हैं. अगर कुछ बचे हैं, तो बहुत जल्द वे पुलिस के शिकंजे में होंगे. अब इस क्षेत्र के लोगों को डरने की जरूरत नहीं है.
चार महीने से शिक्षक गायब : बिशुनपुर प्रखंड के राउमवि बड़कादोहर के शिक्षक निरंजन लकड़ा चार महीने से गायब हैं. वे स्कूल नहीं आ रहे हैं. इससे विद्यार्थियों की पढाई पर असर पड़ रहा है.
शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. गांव के लोगों ने इसकी लिखित शिकायत डीसी व डीएसइ से की है. इसके बाद भी अधिकारी शिक्षक को स्कूल भेजने में नाकाम साबित हो रहे हैं. यहां तक कि शिक्षक ने स्कूल से उपस्थिति रजिस्टर गायब कर उसपर अपना हस्ताक्षर कर वेतन की निकासी भी कर रहे हैं. गांव के लोगों ने कहा है कि स्कूल में एक से आठ वर्ग तक पढ़ाई हो रही है. इसमें करीब 200 छात्र हैं. तीन शिक्षक हैं. इसमें दो शिक्षक रामलखन मोची व अजय भारती स्कूल आते हैं, पर एक शिक्षक निरंजन चार महीने से स्कूल नहीं आ रहे हैं.
सर, ठेकेदार से मेरी जमीन को बचा लीजिये बिशुनपुर. बिशुनपुर प्रखंड में बनालात एक्शन प्लान के तहत काम कर रहे ठेकेदार नियम-कानून को ताक पर रख कर काम कर रहे हैं.
अधिकारियों को कमीशन खिला कर ठेकेदार अपना जेब भी भरने में लगे हुए हैं. इसलिए ठेकेदार जैसा भी काम कर रहे हैं, प्रशासन आंख बंद किये हुए है. ठेकेदारों की करतूत की पोल बुधवार को जनता दरबार से पहले उस समय खुली, जब डीसी श्रवण साय, एसपी चंदन कुमार झा व डीडीसी नागेंद्र कुमार सिन्हा विकास योजनाओं की धरातल जानकारी लेने सालम, लापू गांव पहुंचे. जब अधिकारी सालम गांव पहुंचे, तो यहां विलुप्त प्राय: आदिम जनजाति के अमर असुर से मुलाकात हो गयी. वह अधिकारियों के बीच पहुंच गया.
लड़खड़ाते हुए अमर ने डीसी से कहा कि सर मेरी जमीन है, लेकिन उसपर सड़क बनवा रहे ठेकेदार ने कब्जा कर लिया है. मेरी जमीन को खोद कर वहां से पत्थर निकाल कर सड़क बनायी जा रही है. इससे जमीन बरबाद हो रहा है. अमर ने कहा कि कई बार उसने ठेकेदार को ऐसा करने से मना किया, लेकिन वह डरा धमका कर काम कर रहा है. अमर ने डीसी से अपनी जमीन बचाने की गुहार लगायी है. ज्ञात हो कि बनारी से लेकर बनालात तक सतीश नामक ठेकेदार सड़क का काम करा रहे हैं. घटिया निर्माण से लेकर कम मजदूरी, अवैध उत्खनन जैसी कई शिकायतों के बाद भी अधिकारी कोई कार्रवाई उसके खिलाफ नहीं कर रहे हैं. अगर जिले के बड़े अधिकारी का भी खौफ नहीं है.
