गुमला में मुख्यमंत्री ने कहा
दुर्जय पासवान
गुमला : गुमला में सीएम रघुवर दास ने कहा कि आदिवासी-मूलवासी की बात सुन कर कान पकने लगा है. कुछ दल फूट डालने की राजनीति कर रहे हैं. लेकिन मैं कह दूं. सरकार किसी एक दल के इच्छा से नहीं चलती है, बल्कि पॉलिसी से चलती है. कुछ नेता ऐसे हैं. जिनका काम जनता को बरगलाना है. ऐसे लोगों से जनता सावधान रहे. मुख्यमंत्री शुक्रवार को परमवीर अलबर्ट एक्का स्टेडियम में द छोटानागपुर प्रमंडल स्तरीय स्वयं सहायता समूह व पंचायत सचिवालय सशक्तीकरण सम्मेलन को संबोधितकर रहे थे.
इसमें गुमला, रांची, खूंटी, सिमडेगा व लोहरदगा जिला के 10 हजार से अधिक लोग शामिल हुए. सीएम ने पहले सत्र में महिला स्वयं सहायता समूहों को संबोधित किया.
नारी एक संस्कार है, उसमें त्याग की भावना है : सीएम ने कहा कि अब महिलाओं को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है. महिलाएं खुद आगे आयें. अपनी शक्ति को पहचानें. समाज भी नारी शक्ति को पहचाने. नारी एक संस्कार है. उसमें त्याग की भावना है. राज्य में कुपोषण बड़ी समस्या है. महिलाओं से कहूंगा. आप पौष्टिक आहार का सेवन करें. माड़ में भी पौष्टिक है. मैं लाल मिर्च के चूर्ण से माड़ पीता था. आप भी पीयें. गांव विकसित होगा. तभी राज्य विकसित होगा. सीएम ने कहा : छह महीने बाद मैं दोबारा आपके पास आऊंगा और संवाद करूंगा.
शहीद के परिजन को दिये चेक : उड़ी में हुए आतंकी हमले में शहीद खूंटी के जावरा मुंडा व गुमला के नायमन कुजूर के परिजन को सीएम ने 10-10 लाख रुपये का चेक दिया. शहीद की पत्नी ने चेक प्राप्त किया. इस दौरान शहीदों के सम्मान में सभी लोगों ने दो मिनट का मौन भी रखा.
सिमडेगा की महिलाओं को 5.50 करोड़ मिले : सम्मेलन में सिमडेगा जिले की सभी महिला समूहों को पांच करोड़ 50 लाख रुपये का चेक दिया गया. मुख्यमंत्री ग्राम योजना के तहत गुमला की 71 महिला समूहों को एक-एक लाख रुपये दिये गये. मौके पर आजीविका कैलेंडर, महिलाओं की सफलता की कहानी पर लिखी गयी पुस्तक व लघु वनोत्पाद पर तैयार पुस्तक का विमोचन भी किया गया. सभी लोगों ने स्वच्छता का संकल्प लिया.
इन्होंने भी किया संबोधित :सम्मेलन को केंद्रीय राज्य मंत्री सुदर्शन भगत, स्पीकर दिनेश उरांव, मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, विधायक शिवशंकर उरांव, विधायक विमला प्रधान, मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, सचिव अमित खरे, सचिव एनएन सिन्हा, सचिव परितोष उपाध्याय सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया.
महिलाओं ने सुनायी संघर्ष की कहानी: इस मौके पर सिमडेगा की सुहागिनी देवी, गुमला जिले की बांसडीह की किरण बाखला, खूंटी की मरियम नाग, रांची के रामपुर गांव की हर्षित लकड़ा व नामकुम की सिलवंती लकड़ा ने अपने संघर्ष की कहानी बतायी. इनलोगों ने बताया कि आज महिला समूह व आजीविका मिशन से जुड़ कर ये लोग अपने पैरों में खड़ी हैं और आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं.
सीएम की दो टूक : कुछ दल फूट डालने की राजनीति कर रहे हैं. लेकिन मैं कह दूं. सरकार किसी एक दल की इच्छा से नहीं, बल्कि पॉलिसी से चलती है.
