दुर्जय पासवान
गुमला : गुमला के पालकोट में पुलिस मुठभेड़ में आशीष के मारे जाने से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है. आशीष संगठन में स्पेशल एरिया कमेटी (सैक) का सदस्य था. उसे टेक्नोलॉजी की अच्छी जानकारी थी. पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता आइजी अभियान एमएस भाटिया के अनुसार, हाल ही में गिरफ्तार हुए और सरेंडर किये नक्सलियों ने जानकारी दी थी कि टेक्नोलॉजी की अच्छी जानकारी होने के कारण आशीष को लैंड माइन ब्लास्ट करने में विशेषज्ञता थी.
रिमोट से लैंड माइन ब्लास्ट करने में वह दक्ष था. हथियार में आयी खराबी को भी खुद ही दूर कर देता था. आशीष के बारे में बिहार पुलिस से संपर्क करके भी जानकारी मांगी गयी है. अभी सिर्फ यह सूचना मिली है कि वह जहानाबाद का रहनेवाला था.पिछले साल रामगढ़ के पतरातू से गिरफ्तार माओवादी शिव प्रसाद ने पुलिस को जानकारी दी थी कि आशीष गुमलामें है.
वह बिहार से आया है. इसके बाद जब नक्सली चश्मा विकास ने सरेंडर किया था, तब भी पुलिस को आशीष के बारे में जानकारी मिली थी. तभी पुलिस को पता चला था कि आशीष संगठन में स्पेशल एरिया कमेटी रैंक में है.
अमेरिकन व पुलिस से लूटी रायफल बरामद
मुठभेड़स्थल से तीन रायफल पुलिस ने बरामद किया है. इसमें एक अमेरिकन रायफल है. दो रायफल पुलिस से लूटी गयी थी. आशीष एसएलआर लेकर चलता था, जिसे बरामद किया गया. 288 गोली, आठ पीठू, दो वर्दी, 12230 रुपये िमले हैं.
