पद आरक्षित कर चुनाव कराना अन्याय गुमला. सदान मोरचा की बैठक रविवार को घाटो बगीचा स्थित चंद्रमोहन प्रजापति के आवास में हुई. बैठक में भारत सरकार द्वारा झारखंड सरकार से पंचायत चुनाव में एकल पदों के शत प्रतिशत आरक्षण पर मंतव्य मांगें जाने पर दस वर्षो के लिए आरक्षण बढ़ाने की अनुशंसा पर चर्चा हुई. चर्चा के बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव लाया गया कि पेसा कानून व झारखंड परिसीमन को लेकर याचिका सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है. जब तक न्यायालय का फैसला नहीं हो जाता है, तब तक इस कानून के तहत चुनाव नहीं होना चाहिए. चूंकि जिस पंचायत में जनजाति समुदाय की आबादी शून्य है. उसे भी आरक्षित कर चुनाव कराना सदानों के साथ घोर अन्याय है. सदान इसे बरदाश्त नहीं करेंगे. बैठक में मोरचा के केंद्रीय अध्यक्ष राजेंद्र साहू द्वारा उच्च स्तर पर मामले को उठाये जाने की प्रशंसा करते हुए उनसे झारखंड बंद बुलाने की मांग को लेकर बैैठक आहूत करने की मांग की गयी. मौके पर कुंजबिहारी साहू, सुरेश प्रसाद, अजीत विश्वकर्मा, केएन शर्मा, श्याम ठाकुर, लखन केसरी, आरबी सिंह, मनोज सिंह, सुरेंद्र ओहदार, मो करीम खान, रघुनंदन साहू, लाल अरुणनाथ शाहदेव, विजय सिंह, नारायण पांडेय आदि मौजूद थे.
पद आरक्षित कर चुनाव कराना अन्याय
पद आरक्षित कर चुनाव कराना अन्याय गुमला. सदान मोरचा की बैठक रविवार को घाटो बगीचा स्थित चंद्रमोहन प्रजापति के आवास में हुई. बैठक में भारत सरकार द्वारा झारखंड सरकार से पंचायत चुनाव में एकल पदों के शत प्रतिशत आरक्षण पर मंतव्य मांगें जाने पर दस वर्षो के लिए आरक्षण बढ़ाने की अनुशंसा पर चर्चा हुई. […]
